उद्योग विभाग के निदेशक की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय कमेटी की सिफारिश पर 24 स्टोन क्रशर बहाल करने का अंतिम फैसला मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू लेंगे। उच्च स्तरीय कमेटी की बैठक में प्रदेश में बंद किए गए स्टोन क्रशरों के दस्तावेजों को नए सिरे से जांचा गया, इसमें 24 स्टोन क्रशर ऐसे पाए गए हैं जिनके पास सभी आवश्यक मंजूरियां हैं और दस्तावेज भी पूरे हैं।
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उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा है कि उच्च स्तरीय कमेटी ने 24 स्टोन क्रशर बहाल करने की सिफारिश की है, इसे लेकर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री लेंगे। बरसात के दौरान ब्यास नदी में आई बाढ़ से भारी नुकसान के बाद सरकार ने 132 स्टोन क्रशर को बंद कर दिया था। पहली जांच कमेटी की संतुति पर सरकार ने 47 स्टोन क्रशर को बहाल कर दिए थे। नई गठित उच्च स्तरीय कमेटी की सिफारिश पर अब 24 अन्य स्टोन बहाल करने की सिफारिश की गई है।
सरकार तय करेगी रेत और बजरी के दाम
क्रशर संचालकों द्वारा आम लोगों से वसूले जा रहे मनमाने दामों पर लगाम लगाने के लिए सरकार अब रेत और बजरी के दाम खुद तय करेगी। क्रशर संचालकों को सरकार की ओर से तय दामों पर ही निर्माण सामग्री बेचनी होगी। इसे लेकर मुख्यमंत्री ने खनन विभाग को निर्देश जारी किए हैं।