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शिमला आने वाले सैलानियों के लिए बुरी खबर!

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हिमाचल प्रदेश सरकार ने होटलों का किराया तीन साल से पहले बढ़ाने की शर्त को हटा दिया है। अब प्राइवेट होटल मालिक कभी भी जरूरत के अनुसार किराया बढ़ा सकते हैं।
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ऐसे में देश विदेश से आने वाले सैलानियों को अब होटलों में ठहरने के लिए अधिक किराया चुकाना होगा। इस संबंध में पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से अधिसूचना जारी हुई है।

सरकार के इस फैसले से प्राइवेट होटल मालिकों ने राहत की सांस ली है।  लेकिन किराया बढ़ाने से पहले पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग से अनुमति लेनी अनिवार्य होगी।
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यदि विभाग को इस प्रक्रिया के दौरान लगता है कि संबंधित होटल जिन कारणों से होटल किराया बढ़ा रहा है वह सही नहीं है तो उन्हें रेट बढ़ाने के फैसले पर रोक लता सकता है।
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सरकार ने दी बड़ी राहत

वर्ष 2012 से पहले भी किसी प्रदेश के प्राइवेट होटल मालिकों पर रेट बढ़ाने के लिए किसी तरह की समय सीमा की शर्त नहीं लगाई गई थी। राज्य में इस समय 2200 से अधिक प्राइवेट होटल हैं। इनमें 350 से अधिक शिमला जिला में चल रहे हैं।

शिमला होटलियर्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष  हरनाम सिंह कुकरेजा ने बताया कि एसोसिएशन लंबे समय से सरकार के समक्ष मांग को उठा रहे थे कि रेट बढ़ाने की शर्त को हटा दिया जाए और पहले जैसी स्थिति बहाल की जाए। सरकार ने हमारी मांगों को मानकर एक बड़ी राहत दी है।

इसलिए बढ़ाए जाते हैं रेट
होटल मालिक एक बार कम से कम 10 और अधिक से अधिक 20 फीसदी तक रेट बढ़ा सकता है। रेट बढ़ाने के पीछे अहम होटलियर्स महंगाई, स्टाफ सैलरी, होलटों की मरम्मत, बिजली और पानी के बढ़ते रेट सहित कई कारण गिनाते हैं।
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