हाईकोर्ट ने नगर निगम को दिए थे आदेश
कहा-अतिक्रमण हटाने को लेकर लगातार चल रही कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों के बाद नगर निगम शिमला ने लोअर बाजार में वेंडर यानी तहबाजारियों को स्थानांतरित करने की योजना पर स्टेटस रिपोर्ट दायर कर दी है। रिपोर्ट में बताया है कि अदालत के आदेशों की अनुपालना करते हुए अतिक्रमण को हटाने को लेकर लगातार कार्रवाई जा रही है। लोअर बाजार से वेंडर को स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है।
स्थानांतरण पहले सब्जी मंडी ग्राउंड के पास एक जगह तय की थी लेकिन अब उस जगह का उपयोग शॉपिंग मॉल और एमसी कार्यालय के रूप में किया जा रहा है। इसलिए विक्रेताओं को अब सब्जी मंडी के बजाय शिमला स्थित आजीविका भवन की छत पर स्थानांतरित किया जाएगा। छत पर 5 गुना 3 वर्ग फीट का खुला स्थान चिह्नित किया है और 60 विक्रेताओं से संपर्क करके उनसे द स्ट्रीट वेंडर्स आजीविका संरक्षण और स्ट्रीट वेंडिंग का विनियम अधिनियम 2014 के अनुसार आवश्यक दस्तावेज और औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए कहा है। न्यायालय को बताया कि अग्निशमन विभाग और एसपी कार्यालय शिमला के समन्वय से एक माॅक ड्रिल की जा रही है। उल्लंघन करने पर 76 चालान काटे गए हैं और 76 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 3 सितंबर को होगी।
मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया वालिया और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने अदालत की ओर से 26 जून को आदेश दिए थे कि लोअर बाजार से अतिक्रमण को हटाया जाए। इस जगह पर इतनी भीड़ होती है कि अगर कुछ घटना घटित हो जाए तो फायरब्रिगेड की गाड़ी भी क्रॉस नहीं कर पाएगी। उन्होंने एमसी शिमला को तहतबाजिरयों के लिए जगह चयनित करने के लिए कहा था। तहबाजारी संगठन के अध्यक्ष की ओर से भी इस मामले में जवाब दायर किया है। लेकिन उसमें कुछ आपत्तियां थीं जिसकी वजह से जवाब रिकॉर्ड पर नहीं आ सका।