जेसीबी मालिक ने दायर की थी याचिका संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कुल्लू उपभोक्ता आयोग के पारित आदेश को अपास्त (रद्द करना या हटाना) करते हुए वाहन मालिक को मुआवजा देने का फैसला सुनाया है।
आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति इंदर सिंह मेहता ने द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी को शिकायत की तिथि से वसूली तक नौ प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज सहित 10,09,572 रुपये का भुगतान करने के आदेश दिए हैं। साथ ही अदालती खर्च के रूप में 70 हजार देने होंगे। शिकायतकर्ता ने 16 दिसंबर 2023 को कुल्लू आयोग के पारित आदेश को चुनौती दी थी।
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यह मामला साल 2020 में कुल्लू जिला उपभोक्ता आयोग का है। तहसील कुल्लू निवासी शिकायतकर्ता हुक्म दत्त शर्मा ने द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी (बीमाकर्ता) से एक अर्थ मूविंग उपकरण (जेसीबी) का 16,17,660 रुपये की राशि में सालाना बीमा करवाया था। 16 जुलाई 2020 को मशीन तहसील मनाली के सेगली में सड़क निर्माण कार्य में लगाई थी। यह सड़क कुल्लू को लाहौल-स्पीति घाटी से जोड़ती है। सड़क काटते समय जेसीबी मशीन फिसलकर क्षतिग्रस्त हो गई। दुर्घटना की सूचना पुलिस के साथ बीमा कंपनी को दी गई थी। इसके बाद कंपनी के सर्वेक्षक ने घटनास्थल का निरीक्षण कर क्षति का आकलन किया। 16 अगस्त को बीमा कंपनी ने शिकायतकर्ता के दावे को इस आधार पर अस्वीकार कर दिया कि दुर्घटना जेसीबी मशीन के पलटने से हुई थी। घटनास्थल पर जेसीबी पलटी हुई स्थिति में पड़ी थी जो बीमा पॉलिसी के तहत कवर नहीं थी। दावा किया कि शिकायतकर्ता ने अतिरिक्त प्रीमियम का भुगतान करके जेसीबी मशीन के पलटने के लिए बीमा नहीं करवाया था। इससे परेशान होकर शिकायतकर्ता ने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दायर की थी। लेकिन पक्षों को सुनने के बाद कुल्लू जिला आयोग ने शिकायत खारिज कर दी।
शिकायतकर्ता ने इसके बाद राज्य उपभोक्ता आयोग के समक्ष अपील की। अब राज्य उपभोक्ता आयोग ने हुक्म दत्त शर्मा की अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करते कुल्लू आयोग के आदेश को अपास्त किया है। आयोग के मुताबिक बीमा कंपनी यह साबित करने में विफल रही है कि दुर्घटना का कारण विचाराधीन मशीन का पलटना था। आदेश दिया कि बीमा कंपनी 45 दिन के भीतर उपरोक्त आदेश का पालन करें।