धर्मशाला अग्निशमन केंद्र के प्रभारी एसके चौधरी को विजिलेंस टीम ने गुरुवार शाम 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा है। आरोप है कि जिला मुख्यालय में एक निर्माणाधीन भवन में फायर फाइटिंग सिस्टम स्थापित करने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) देने की एवज में वह रिश्वत ले रहा था। इस संदर्भ में विजिलेंस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।जानकारी के मुताबिक धर्मशाला क्षेत्र के ही एक ठेकेदार दीपक गुलेरिया ने विजिलेंस थाना धर्मशाला में इस संबंध में शिकायत की थी। दीपक गुलेरिया ने बताया कि वह धर्मशाला में एक भवन बना रहा है, जो अभी निर्माणधीन है।
वह इस भवन में फायर फाइटिंग सिस्टम स्थापित करने के लिए आवेदन कर चुका है। अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने के लिए जो भी दस्तावेज जरूरी होते हैं, वह सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी हैं। इसके बावजूद फायर आफिसर एसके चौधरी एनओसी नहीं दे रहे हैं। एनओसी देने की एवज में वह 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग रहे हैं। शिकायत पर विजिलेंस ने कार्रवाई करते हुए वीरवार को दीपक गुलेरिया को पैसे लेकर भेजा और मौके पर फायर आफिसर को रंगेहाथ पकड़ लिया। उधर विजिलेंस एएसपी नॉर्थ जोन बलवीर जसवाल ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर विजिलेंस थाना धर्मशाला में मामला दर्ज कर लिया है। आगामी कार्रवाई जारी है।
नाबालिग के साथ छेड़छाड़ के दोषी को साढ़े तीन साल कैद
वहीं, नाबालिग से छेड़छाड़ करने के दोषी को न्यायालय ने तीन साल छह माह की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषी को आठ हजार रुपये जुर्माना भी भरना होगा। जुर्माना अदा न करने की सूरत में उसे दो माह की अतिरिक्त जेल भी काटनी होगी। यह फैसला विशेष न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट कांता वर्मा की अदालत ने सुनाया। मामले की पैरवी कर रहे विशेष सरकारी वकील रामदेव चौधरी ने बताया कि नाबालिग छह फरवरी, 2019 को स्कूल की किताबें लेकर घर जा रही थी। इसी बीच आरोपी ने उसे खड्ड में पकड़ लिया और उसके साथ अश्लील हरकतें कीं। उसने इसकी सूचना नाबालिग ने परिजनों को दी। इसके बाद परिजनों ने अमित कुमार निवासी धर्मशाला के खिलाफ महिला पुलिस थाना में मामला दर्ज करवाया। इस मामले में सरकारी वकील की ओर से 15 गवाह पेश किए गए।