मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि ज्ञान का आदान प्रदान महत्वपूर्ण और पवित्र मिशन है। कहा कि हमारा भविष्य शिक्षण संस्थानों में आकार लेता है। बच्चों का दिमाग बेहद संवेदनशील होता है और उसे कोई भी आकार दिया जा सकता है।
विद्यार्थियों की शिक्षा में शिक्षकों की अहम भूमिका होती है। वे सेंट एडवर्ड स्कूल के वार्षिक समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकारी तथा निजी स्कूलों के बीच ज्ञान व अन्य गतिविधियों का ज्यादा आदान प्रदान होना चाहिए।
शिमला और चंडीगढ़ के पादरी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करने के उपरांत कहा कि स्कूल का शानदार पुराना इतिहास रहा है और वह जनजातीय जिला किन्नौर में स्कूल की शाखा खोलने का विचार कर रहे है।
सेंट एडवर्ड स्कूल के प्रधानाचार्य फादर अनिल स्कवेरिया ने मुख्यमंत्री और गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। फादर फ्रेंसिस जैवियर, विधायक संजय रत्न तथा अनिरुद्ध सिंह, राज्य पर्यटन विकास निगम के उपाध्यक्ष हरिष जनार्था, महापौर संजय चौहान, उपमहापौर टिकेंद्र पंवर, उपायुक्त दिनेश मल्होत्रा के अलावा अध्यापक, विद्यार्थी और अभिभावक मौजूद रहे।
वार्षिक समारोह में कार्यक्रम का शुभारंभ मार्च पास्ट से हुआ। केजी के बच्चों ने अनेकता में एकता पर अपने नन्हे संदेश से सभी का मन मोह लिया। पहली और तीसरी कक्षा के छात्रों ने विभिन्न प्रकार की पीटी ड्रील का प्रदर्शन किया।