इन सभी दलों को आदेश दिए गए हैं कि वह जांच से पूर्व संबंधित संस्थान को ई मेल या टेलीफोन के माध्यम से अवगत करवाएंगे। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह जांच संस्थान के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में होगी।
स्वतंत्र निष्कर्ष के बाद संबंधित नियमों, उप नियमों व दिशा निर्देशों के अनुरूप सिफारिश की जाएगी। जो भी खामी दूर करने की गुंजाइश होगी इस बाबत भी बताया जाएगा ताकि संबंधित संस्थान जल्द से जल्द अगले सत्र तक उस कमी को दूर कर ले।
कोर्ट ने कहा कि यह सभी जांच दल सीधे तौर पर हाईकोर्ट के अधीन कार्य करेंगे। वह 14 जून से पहले अपनी रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष दाखिल करेंगे। सभी संस्थानों को यह आदेश दिए गए हैं कि वह जांच दल को पूरी सहायता मुहैया करवाएं।