मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के सुरक्षा प्रभारी रहे एडिशनल एसपी बृजेश सूद को थप्पड़ मारने वाले एसपी गौरव सिंह और एसपी को लात मारने वाले मुख्यमंत्री के पीएसओ बलवंत सिंह का गुरुवार देर रात हुआ निलंबन डीजीपी संजय कुंडू की सरकार को भेजी एक रिपोर्ट के आधार पर हुआ था। इस रिपोर्ट में मौके पर जाकर जांच करने के बाद तथ्यों के आधार पर डीजीपी ने कंडक्ट सही न होने का हवाला देते हुए तत्काल निलंबित करने की सिफारिश की थी।
दरअसल, अधिकारियों के बीच मारपीट घटना के फौरन बाद डीजीपी संजय कुंडू शिमला से कुल्लू के लिए रवाना हो गए थे। कुल्लू में मौका मुआयना और तथ्यों के आधार पर डीजीपी ने सरकार को एक इंसीडेंट रिपोर्ट दी थी जिसके आधार पर सरकार ने दोनों को निलंबित कर दिया। अब निलंबन के बाद डीआईजी की रिपोर्ट सरकार को मिलने पर तीनों के भविष्य पर फैसला होगा। बता दें, सरकार के आदेश पर सेंट्रल रेंज मंडी के डीआईजी मधू सूदन मामले की जांच कर रहे हैं।
वैसे तो यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री को तीन दिन में भेजी जानी थी। लेकिन सूत्रों की मानें तो चूंकि एक दिन के लिए उनके पास एसपी कुल्लू का भी कार्यभार सौंप दिया गया था और जिले में केंद्रीय मंत्री के कार्यक्रम लगे हुए थे। ऐसे में तीनों ही पुलिस अधिकारियों के बयान दर्ज होने के बाद अभी रिपोर्ट सरकार को नहीं भेजी जा सकी।
माना जा रहा है कि अब शनिवार को सरकार को डीजीपी के जरिये रिपोर्ट भेजी जा सकती है और सोमवार को जांच रिपोर्ट के तथ्यों और सिफारिशों के आधार पर तीनों के भविष्य पर फैसला हो सकता है। फिलहाल निलंबन के बाद गौरव सिंह मंडी रेंज तो बृजेश सूद और बलवंत सिंह पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिए गए हैं।