हिमाचल के शक्तिपीठ मां नैणादेवी के मंदिर के समीप पांच मेगावाट के सोलर पावर प्रोजेक्ट का निर्माण करने में जर्मन डेवलपमेंट बैंक आर्थिक मदद देगा। हिमाचल पावर कारपोरेशन की मांग पर जर्मन बैंक की टीम ने पावर प्रोजेक्ट से जुड़ी सभी तरह की स्टडी को देने के लिए कहा है।
पावर कारपोरेशन ने इस प्रोजेक्ट के लिए पहले फ्रांस की सरकार से मदद मांगी थी लेकिन फ्रांस सरकार के तैयार न होने पर पावर कारपोरेशन ने जर्मन बैंक से संपर्क किया। सोमवार को शिमला पहुंची जर्मन डेवलपमेंट बैंक की टीम ने सोलर पावर प्रोजेक्ट में दिलचस्पी दिखाई है।
हिमाचल पावर कारपोरेशन के प्रोजेक्टों में निवेश कर रही जर्मन डेवलपमेंट बैंक की एक टीम ने सोमवार को शिमला में पहुंचकर शौंगटोंग कडछम प्रोजेक्ट की समीक्षा की। इस प्रोजेक्ट के लिए बैंक ने 150 मिलियन यूरो का लोन दिया है। बैंक के प्रतिनिधियों ने प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए संतुष्टि जताई।
इस दौरान जिला मंडी में प्रस्तावित 191 मेगावाट के थाना पलौन हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट को भी जर्मन बैंक ने सैद्धांतिक मंजूरी दी। बैंक ने प्रोजेक्ट निर्माण को 1630 करोड़ रुपये देने से पहले पूरी रिपोर्ट मांगी है। बैंक प्रतिनिधियों ने बैठक में इस प्रोजेक्ट की समीक्षा भी की।
इसके अलावा जिला चंबा में 48 मेगावाट के सुरगानी सुंडला हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की तकनीकी स्टडी करने पर बैंक प्रतिनिधियों ने सहमति जताई। 48 मेगावाट के इस प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए करीब 500 करोड़ का खर्च आएगा।
हिमाचल पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक देवेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि जर्मन डेवलपमेंट बैंक के प्रतिनिधियों के साथ बैठक सकारात्मक रही है। उम्मीद है कि बैंक हिमाचल के कई अन्य प्रोजेक्टों मे निवेश करेगा।