हिमाचल के प्रवेश द्वार पर स्थित टोल बैरियर पर पंजाब की आजाद टैक्सी यूनियन ने हिमाचल सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। हिमाचल सरकार की ओर से बाहरी राज्यों से आने वाली टेंपो ट्रैवलर और बड़े मालवाहक वाहनों पर प्रवेश शुल्क 1 सितंबर से लागू किया है। इसके अनुसार बाहर से आने वाले वाहनों को जो ऑल इंडिया परमिट धारक नहीं हैं, उन्हें 3000 से 6000 रुपये प्रतिदिन प्रदेश सरकार को देने होंगे।
वहीं ऑल इंडिया परमिट वाले वाहनों को 4000 रुपये प्रतिदिन से 50,000 रुपये प्रतिमाह सरकार को देने होंगे। इसे लेकर पंजाब, हरियाणा और दूसरे राज्यों के चालकों ने मोर्चा खोल दिया है। आजाद टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष शरणजीत सिंह कलसी ने टोल बैरियर पर एसडीएम कसौली गौरव महाजन को ज्ञापन सौंपा और सरकार से टैक्स वापस लेने की मांग की।
यूनियन ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की और सरकार के टैक्स को गुंडा टैक्स बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की। शरणजीत सिंह ने कहा कि उन्होंने सरकार के मनमाने टैक्स के खिलाफ ज्ञापन दिया है और मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा है। उन्होंने कहा की जब हम ऑल इंडिया परमिट पर केंद्र सरकार को 80,000 प्रतिवर्ष देते हैं तो राज्य सरकारें मर्जी से टैक्स कैसे लगा सकती हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल पूरी तरह पर्यटन पर आश्रित है।
ऐसे में यदि टैक्सी सेवाएं हिमाचल में आने से रुक जाती हैं तो सरकार को दोहरा नुकसान होगा। उन्होंने बताया कि एसडीएम के माध्यम से सरकार को बात बता दी है। इस बारे में एसडीएम गौरव महाजन ने कहा कि सरकार के बात जारी है जो भी फैसला होगा, उसके अनुसार काम करेंगे। धरना शांतिपूर्वक हुआ। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया था।