प्रदेश में बढ़ती सांप्रदायिक घटनाओं पर जताई चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। प्रदेश में सांप्रदायिक सौहार्द को कायम करने के लिए हिमाचल फॉर पीस एंड हार्मनी फोरम की ओर से मंगलवार को रोटरी टाउन हॉल में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें कई जनवादी संगठनों के सदस्यों ने हिससा लिया और धर्मनिरपेक्षता तथा
सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर शपथ ली।
फोरम के संयोजक डॉ. कुलदीप सिंह तंवर ने कहा कि शिमला शहर में सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने वाली घटनाएं चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए जाना जाता है लेकिन पिछले कुछ समय से यहां लगातार सांप्रदायिक ताकतें तनाव का माहौल पैदा कर रही हैं। इससे प्रदेश का नाम खराब हुआ है। प्रदेश के सबसे बड़े आर्थिक संसाधन पर्यटन उद्योग पर भी खतरा मंडरा रहा है। पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि संविधान किसी भी नागरिक से धर्म, जाति या क्षेत्र के आधार पर भेदभाव नहीं करता है। ऐसी साजिशों को तोड़ने के लिए जनता का एकजुट होना जरूरी है। नगर निगम शिमला के पूर्व उपमहापौर टिकेंद्र पंवर ने कहा कि प्रदेश में ताजा घटनाक्रमों से जनता की एकता में बिखराव आया है। जनता से अपील की कि वह मानव मूल्यों की रक्षा के लिए आगे आएं। फोरम ने फैसला लिया कि 25 मार्च 2026 को शांति और सद्भाव के लिए शिमला में राज्य स्तरीय अधिवेशन का आयोजन किया जाएगा। इससे पहले हर जिला में फोरम गठित किए जाएंगे। इस मौके पर डॉ. राजकुमार जिष्टू, मौलाना मुमताज अहमद कासमी, हाजी सलीम, रॉबिन सिन्हा, अमर चंद भाटिया, रीनू ठाकुर, खुर्शीद वाणी, महफूज मलिक, नावेद आलम, डॉ. ओंकार शाद, संजय चौहान, विजेंद्र मेहरा, जगत राम, फाल्मा चौहान, सत्यवान पुंडीर, राम सिंह, बालक राम, अमित कुमार, विवेक कश्यम, सुन्नी सिकटा, योगी सिंघानिया, मुकेश कुमार और सुनील वशिष्ठ मौजूद रहे।