इस वर्ष हो रही बर्फबारी जहां सेब की फसल के लिए वरदान साबित हो रही है, वहीं निचले इलाकों में लगातार बारिश ने प्लम, बादाम, आडू और चेरी की फसल पर संकट के बादल मंडराए हैं। गौरतलब है कि इन दिनों नारकंडा खंड के निचले क्षेत्रों में प्लम, बादाम और आडू की बेल्ट में फ्लावरिंग सीजन शुरू हो गया है। ऐसे में इस समय मौसम का साफ रहना काफी जरूरी होता है। साफ मौसम में ही इन फसलों में परागण क्रिया चलती है। मौसम में आए बदलाव से बागवान अब चिंतित हो गए हैं। बागवान निकेश चौहान, रिवाली गांव के अशोक ठाकुर, विक्की चौहान, सुनील चौहान, दीवान चंद भंडारी, यशवंत चौहान, राकेश मेहता सहित अन्य का कहना है कि अगर कुछ दिनों में मौसम साफ नहीं होता है तो उनकी पूरे वर्ष की मेहनत पर पानी फिर जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के भुट्टी, शमाथला, बड़ागांव, कुमारसैन, कीरटी आदि क्षेत्रों में प्लम की ब्लैक हेमर, रेड बयूट बादाम, आड़ू की फसल में फ्लावरिंग हुई है। ऐसे में बिगड़े मौसम ने इस फसल को फिलहाल संकट में डाल दिया है। बागवानी विशेषज्ञ निट्टू धर्मा ने कहा कि आजकल फसलें फ्लावरिंग स्टेज में हैं। फ्लावरिंग के दौरान सेटिंग के लिए धूप जरूरी है। कम से कम दिन में 20 डिग्री तापमान होना आवश्यक होता है। अगर ठंड और बढ़ती है तो इन फसलों पर संकट खड़ा हो सकता है। फ्लावरिंग के समय मौसम का साफ रहना काफी जरूरी हो जाता है।