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SMC Teacher Protest: सचिवालय के बाहर नियमितीकरण की मांग पर अड़े रहे शिक्षक, देर रात तक जारी रहा धरना

Wed, 04 Oct 2023 12:41 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

रात 11 बजे पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष और नगरोटा के विधायक रघुवीर सिंह बाली शिक्षकों से मिले और कहा कि आपकी बात सीएम तक पहुंचाएंगे। 
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धरने पर बैठे एसएमसी कर्मी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्य सचिवालय के बाहर सैकड़ों एसएमसी शिक्षक नियमितीकरण की मांग पर अड़े रहे और सैकड़ों एसएमसी शिक्षकों ने देर रात तक शांतिपूर्ण तरीके से धरना दिया। यह शिक्षक सुबह से लेकर देर रात तक सचिवालय के बाहर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के आने का इंतजार करते रहे। मुख्यमंत्री के बजाय देर शाम को शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर मिले तो शिक्षकों ने उनके द्वारा दिए आश्वासन से असंतोष जताया और सीएम से मिलने पर अड़े रहे। पुलिस प्रशासन ने इन्हें सचिवालय के बाहर से हटने को कहा तो इन शिक्षकों ने हल्की-फुल्की नारेबाजी भी की। रात 11 बजे पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष और नगरोटा के विधायक रघुवीर सिंह बाली शिक्षकों से मिले और कहा कि आपकी बात सीएम तक पहुंचाएंगे। 

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एसएमसी आधार पर सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों ने मंगलवार को शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से मुलाकात कर दीपावली तक नियमितीकरण मांगा। एसएमसी शिक्षक संघ ने शिक्षा मंत्री से 12 वर्ष की सेवाएं पूरी कर चुके शिक्षकों को जल्द नियमित करने की मांग उठाई। उन्होंने चुनाव से पहले कांग्रेस के घोषणापत्र की भी याद दिलाई, जिसमें उन्हें नियमित करने की बात है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शिक्षकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि एसएमसी के मामले को देखने के लिए कैबिनेट सब कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी की मंगलवार को पहली बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन किन्हीं कारणों से बैठक नहीं हो सकी। जल्द ही बैठक कर शिक्षकों को राहत देने के लिए योजना बनाई जाएगी। 

उधर, मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं होने के चलते शिक्षकों में भारी रोष व्याप्त रहा। मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव के कार्यालय से इन्हें बताया गया कि सीएम इनसे पांच बजे मुलाकात करेंगे, लेकिन इसके बावजूद मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं हो पाने पर यह शिक्षक व्यथित नजर आए। इनका कहना था कि उन्हें अन्य शिक्षकों की तर्ज पर समयबद्ध नियमितीकरण किया जाए। शिक्षा मंत्री से मुलाकात के बाद पुलिस ने शिक्षकों को सचिवालय से हटाकर छोटा शिमला बस स्टॉप के पास भेज दिया।

शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुनील शर्मा और प्रवक्ता निर्मल ठाकुर ने कहा कि पूर्व की सरकारों से उन्हें अभी तक मात्र आश्वासन ही मिला है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने सितंबर तक नीति बनाने की बात कही थी। इसी कड़ी में मंगलवार को मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें शिक्षकों को राहत देने का आग्रह किया। शिक्षकों ने कहा कि वे घरों से दूर सेवाएं दे रहे हैं। मेरिट के आधार पर उनकी नियुक्तियां हुई हैं। दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों के ऐसे स्कूलों में वे सेवाएं दे रहे हैं। जहां जाने से नियमित शिक्षक गुरेज करते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों के कई पद रिक्त पड़े हैं। इन शिक्षकों में चंबा, लाहौल स्पीति, किन्नौर समेत दूरदराज के क्षेत्रों से शिक्षक आए।  

रोती-बिलखती रहीं महिला शिक्षक, बोलीं- हम कब होंगे नियमित
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के आश्वासन से असंतोष जताते हुए कुछ महिला शिक्षक तो रोने-बिलखने तक लगीं। दो महिला शिक्षक आंखों में आंसू लिए बोलीं- वे कब नियमित होंगी और उन्हें कब ओपीएस मिलेगा। उन्होंने कहा कि नियमित न होने की वजह से उन्हें न तो अन्य कर्मियों की तरह छुट्टियां ही मिलती हैं और न ही अन्य लाभ ही मिल रहे हैं।
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शिक्षकों ने लगाये बाली जिंदाबाद के नारे
एसएमसी शिक्षकों ने सचिवालय के पास सड़क पर ही गद्दे बिछा दिए। उनका कहना था कि प्रशासन ने कहा था कि रात को ठहरने का प्रबंध किया जाएगा और खाने का भी। पर यहां कोई नहीं आया। गद्दे शिक्षक खुद लाए हैं।  रात 11 बजे पर्यटन विकास बोर्ड के अध्यक्ष रघुवीर सिंह बाली इनसे मिलने गए तो उन्होंने बताया कि सीएम से वह बात करेंगे। उनकी तबीयत शायद ठीक नहीं थी। इस पर शिक्षक बोले कि वे सीएम से मिलकर ही यहां से जाएंगे। शिक्षकों ने रघुवीर सिंह बाली ज़िंदाबाद के नारे भी लगाए। बाली ने कहा कि वह क्या शिक्षकों के लिए खाने का प्रबंध करें। इस पर एक महिला शिक्षक ने कहा कि सुबह से किसी ने खाना नहीं खाया है। ऐसे में कोई खाना क्यों खाएगा। वह अपना छोटा-सा बच्चा घर में छोड़कर आई है। पता नहीं, कितनी महिलाओं ने छोटे बच्चे घर में छोड़े हैं। आज सड़क पर हैं। सीएम उनसे मिलकर बात तो कर सकते थे। शिक्षक तो आपदा राहत के लिए आर्थिक मदद करना चाह रहे थे और अपनी यह मांग उठाना चाह रहे थे।
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