प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में 2500 एसएमसी अध्यापक तैनात हैं।
पीरियड बेसिस एसएमसी टीचर एसोसिएशन कक्षाओं का बहिष्कार करने की तैयारी में जुट गई है। मुख्यमंत्री के आदेशों के बाद भी शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों के नियमितीकरण के लिए पॉलिसी नहीं बनाने से एसोसिएशन में रोष व्याप्त है। प्रदेश के विभिन्न स्कूलों मे 2500 से अधिक एसएमसी शिक्षक तैनात हैं।
एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल पितान और महासचिव मनोज रौंगटा ने बताया कि 2500 शिक्षकों को न तो समय पर वेतन मिल रहा है और न ही नियमित करने के लिए कोई ठोस नीति बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री के आदेशों की विभागीय अफसर अवहेलना कर रहे हैं। 29 मार्च को शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर क्लाज नंबर नौ को लागू न करने की अधिसूचना जारी करने की मांग की थी।
मुख्यमंत्री ने अफसरों को आदेश भी दिए, लेकिन अभी तक अधिसूचना जारी नहीं हुई है। शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली के चलते 15 एसएमसी शिक्षक नियमित अध्यापकों के नियुक्त होने के कारण बाहर हो गए हैं। शेष शिक्षकों को भी भविष्य का खतरा सता रहा है।
पीरियड बेसिस एसएमसी टीचर एसोसिएशन के महासचिव मनोज रौंगटा ने कहा कि आने वाले दिनों में अगर ठोस नीति नहीं बनाई गई और वेतन समय पर नहीं दिया गया तो कक्षाओं का बहिष्कार किया जाएगा।