फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गंदा पानी पिलाने पर एमसी के अफसर भी जांच के घेरे में

विज्ञापन
विज्ञापन
राजधानी शिमला में पीलिया फैलने के मामले में नगर निगम के अधिकारी भी एसआईटी की जांच के घेरे में आ गए हैं। पीलिया के कारणों की जांच के लिए गठित एसआईटी निगम अभियंता विजय गुप्ता और स्वास्थ्य अधिकारी डा. सोनम नेगी से भी पूछताछ कर सकती है। एसआईटी सूत्रों के अनुसार आईपीएच की ओर से नगर निगम को सप्लाई किया गया पानी बिना जांचे ही लोगों को वितरित कर लिया गया जिसके कारण शहर में पीलिया फैला।
विज्ञापन


इसलिए नगर निगम के अधिकारियों से भी इस मामले में पूछताछ हो सकती है। नगर निगम कह रहा है कि शहर में पीलिया फैलने की जानकारी उसे 28 दिसंबर को मिली, जबकि शहर में पीलिया के मामले अक्तूबर माह से आने शुरू हो गए थे। पीलिया के मामले बढ़ने के बाद नगर निगम ने अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझते हुए अपने स्तर पर पानी की शुद्धता की जांच किसी बाहरी एजेंसी से क्यों नहीं करवाई? यह भी बड़ा सवाल है।

शहर में लोगों के घरों तक पानी की सप्लाई नगर निगम के जिम्मे है। पानी के वितरण के बाद लोगों से बिल की उगाही भी नगर निगम ही करता है। ऐसे में पानी की शुद्धता जांचने के नगर निगम के पास पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। उधर नगर निगम के अधिकारियों का दावा है कि उनके स्तर पर कोई लापरवाही नहीं हुई। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से गंदगी अश्वनी खड्ड में मिलने के कारण पानी दूषित हुआ है। प्लांट के रखरखाव का जिम्मा आईपीएच का है।
विज्ञापन


अश्वनी खड्ड से शहर के लिए पानी की पंपिंग भी आईपीएच करता है। शहर में अश्वनी खड्ड का पानी कुसुम्पटी टैंक में स्टोर होता है इस टैंक का रखरखाव भी आईपीएच के जिम्मे है। टैंक के पानी की जांच आईपीएच और नगर निगम दोनों एजेंसियां करती हैं।

नगर निगम पानी में कालीफार्म और रेजीड्यूल क्लोरीन की जांच करता है। इन टेस्टों के सही होने के बाद ही शहर को पानी की सप्लाई की गई। उधर जांच में पता चला है कि शहर में पीलिया फैलने का कारण हेपेटाइटिस ई वायरस है। इस वायरस की जांच पूरे प्रदेश में कहीं नहीं होती।

खुले में सीवरेज बहाते 107 पकड़े, नोटिस जारी

पीलिया पर अंकुश लगाने और सीवरेज कनेक्शन न लेने पर नगर निगम ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। मंगलवार को नगर निगम की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया और खुले में सीवरेज बहाते 107 लोगों को पकड़ा। उन्हें तत्काल नोटिस जारी किए गए। चेताया कि अगर 24 घंटे के भीतर सीवरेज कनेक्शन के लिए अप्लाई नहीं किया तो फिर पेयजल कनेक्शन काट दिया जाएगा।

सोमवार को 25 नोटिस जारी किए गए थे। तीन लोगों ने सीवरेज के लिए अप्लाई नहीं किया तो एमसी ने मंगलवार को उनके पेयजल कनेक्शन काट दिए। यह कनेक्शन शिवनगर में काटे गए हैं। निगम सहायक आयुक्त प्रशांत सरकैक ने इसकी पुष्टि की है।
पीलिया के बढ़ते मामलों को देखते हए नगर निगम की ओर से गठित टीमों ने मंगलवार को पीलिया प्रभावित क्षेत्रों में निरीक्षण किया। बुधवार को नगर निगम की टीमें पीलिया प्रभावित क्षेत्रों में रिव्यू करेंगी।

व्यवस्था में सुधार न होने पर संबंधित लोगों के पानी के कनेक्शन काट दिए जाएंगे। पीलिया के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने के लिए नगर निगम ने एक्शन प्लान बनाया है। जिसके तहत पीलिया प्रभावित क्षेत्रों का नगर निगम के सहायक नोडल अधिकारी की टीमें निरीक्षण कर रही हैं। नगर निगम के चार वार्ड पीलिया प्रभावित क्षेत्रों के दायरे में आ रहे हैं।

इन चार वार्डों को 7 जोन (विकास नगर, छोटा शिमला, बीसीएस, खलीनी, न्यू शिमला, कुसुम्पटी और पंथाघाटी) में बांटा गया है। हर टीम में निगम कनिष्ठ अभियंता सहित सेनेटरी इंस्पेक्टर, सैहब सुपरवाइजर, सैहब कोआर्डिनेटर और प्लंबर सहित सात से दस कर्मचारी हैं।

पीलिया पर नियंत्रण के लिए तैनात सहायक नोडल अफसरों से इन नंबरों पर करें संपर्क
विकास नगर---प्रवीण जिंटा----88941-26752
छोटा शिमला---एमएस जम्वाल----94181-26020
बीसीएस---दिनेश ठाकुर----94180-04142
खलीनी---विचित्र सिंह----94186-27780
न्यू शिमला---ईश्वर ठाकुर----94180-38338
कुसुम्पटी---दिनेश चंद्र----98160-35624
पंथाघाटी---महबूब शेख----94180-45400

लोअर खलीनी में बिछेगी सीवरेज लाइन

नगर निगम लोअर खलीनी में सीवरेज कनेक्टिविटी देने का काम शीघ्र शुरू करेगा। मंगलवार को नगर निगम की वित्त, संविदा एवं योजना समिति की बैठक में सीवरेज लाइन बिछाने से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। मंगलवार को नगर निगम की साधारण कृत्य कारक समिति की बैठक भी आयोजित हुई। महापौर संजय चौहान ने बैठक की अध्यक्षता की। महापौर ने बताया कि 150

एमएम व्यास की डीआई सीवरेज लाइन बाईपास रोड एमसी शौचालय, भारद्वाज हाउस, वर्मा हाउस से एमसी सीवरेज लाइन मधुवन जंगल लोअर खलीनी वार्ड में बिछाने के लिए 10.45 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त शहर की विभिन्न सड़कों के विकास के लिए 337.71 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। टूटीकंडी में बास्केटबाल कोर्ट निर्माण पर सात लाख रुपये खर्च करने को स्वीकृति प्रदान की गई।

इसके अतिरिक्त एलीफेंट एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड दिल्ली के साथ सोलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट तारादेवी को चलाने के लिए ऐग्रीमेंट को स्वीकृति प्रदान की गई है। एडीबी की सहायता से शहर की विभिन्न सड़कों के जीर्णोद्धार को भी स्वीकृति दी गई है। बैठक में निगम पार्षद शशी शेखर चीनू, दीपक रोहाल, अनूप वैद, कांता सुयाल, सुरेंद्र चौहान और सरोज ठाकुर ने भाग लिया।

एसआईटी ने की आईपीएच के जेई से पूछताछ

स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में जाकर छानबीन की। इस मामले में आईपीएच के एक जेई से पूछताछ की गई। जेई से प्लांट के बारे में जानकारी ली गई। जिस ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया उसकी कार्यप्रणाली के बारे में भी पूछताछ की गई। कुछ दस्तावेज भी कब्जे में लिए गए हैं। इस मामले में पुलिस महकमे की एसआईटी जल्द ही गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू कर सकती है। एसपी शिमला डी डब्ल्यू नेगी ने कहा कि मामले की छानबीन की जा रही है।

गंदा पानी सप्लाई करने पर नागरिक सभा का प्रदर्शन- शहर की जनता को गंदा पानी सप्लाई करने वालों को पुलिस हिरासत में लिया जाए। यह मांग शिमला नागरिक सभा ने की। कहा कि गंदे पानी के कारण ही शहर में पीलिया बेकाबू हुआ है। मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर शिमला नागरिक सभा के अध्यक्ष ईश्वर शर्मा की अगुवाई में गंदा पानी सप्लाई करने के खिलाफ लोगों ने धरना-प्रदर्शन किया।

सभा ने कहा कि शहर को इतने सालों से जो पीने के लिए गंदा पानी दिया जा रहा है उसके लिए शिमला आईपीएच विभाग और मलयाणा सीवरेज प्लांट के ठेकेदार की मिलीभगत है। उन्होंने कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टियों को आड़े हाथ लेते हुए कहा है कि दोनों पार्टियों के पीलिया के दोषियों के बारे में एक भी शब्द नहीं बोला।

सभा ने मांग की है कि सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग जल्द से जल्द शहर की जनता को पीने योग्य साफ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करे। सरकार से मांग की है कि पीलिया रोग से ग्रसित लोगों का मुफ्त में उपचार हो। इस दौरान सभा के अध्यक्ष ईश्वर, उपाध्यक्ष किशोरी और सचिव सत्वान आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन

पीलिया का प्रकोप बढ़ा, आंकड़ा एक हजार पार

राजधानी शिमला में पीलिया बेलगाम हो गया है। मंगलवार को शहर के विभिन्‍न अस्पतालों में पीलिया के 53 नए मामले सामने आए हैं। मंगलवार तक पीलिया से पीडि़त लोगों का का आंकड़ा 1000 पार कर गया है। उधर नगर निगम ने भी अब लगाम कसनी आरंभ कर दी है। खुले में सीवरेज बहाने के दोषियों को नोटिस जारी कर दिए हैं।

24 घंटे के भीतर सीवरेज कनेक्‍शन के लिए अप्लाई करने को कहा है। उधर दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में मंगलवार को पीलिया के 31 नए मामले सामने आए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी जिला शिमला डा. रंजना राव ने बताया कि डीडीयू अस्पताल की जनरल ओपीडी में कुल 48 मामले सामने आए।

टेस्ट रिपोर्ट में 31 लोगों में पीलिया के लक्षण पॉजिटिव पाए गए हैं। सीएमओ ने कहा कि आईजीएमसी में पीलिया के 11, आयुर्वेदिक अस्पताल छोटा शिमला से 9 और हाईकोर्ट डिस्पेंसरी से पीलिया के 2 मामले सामने आए है। जबकि मंगलवार के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो पीलिया के कुल 53 मामले सामने आए।

स्वास्‍थ्य विभाग ने 28 दिसंबर को किया था अलर्ट- स्वास्थ्य विभाग ने नगर निगम को शहर में पीलिया के मामले बढ़ने को लेकर 28 दिसंबर को सूचित किया। 29 दिसम्बर को निगम के हाउस में मामले की जांच के लिए पार्षदों की कमेटी गठित कर दी गई। 31 दिसंबर को कमेटी ने अश्वनी खड्ड और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का दौरा किया। पहली जनवरी को कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंपी और दो दिसंबर को मेयर और निगम के अधिकारियों ने मौके का दौरा कर अश्वनी खड्ड से शहर के लिए पानी की सप्लाई बंद करवा दी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें