घटना के प्रासंगिक समय के दौरान मौके पर मौजूद छह गवाहों की जांच की गई। दुष्कर्म मामले में हरियाणा महिला आयोग ने शिमला पुलिस की कार्यप्रणाली सवाल उठाए हैं। आयोग ने पुलिस अधीक्षक शिमला को लिखे पत्र में कहा है कि आयोग पुलिस जांच से संतुष्ट नहीं है।
मामले में कोताही बरती गई है। कहा कि पीड़िता की शिकायत पर आयोग उसे सुरक्षा मुहैया करवाएगा। आयोग ने पुलिस अधीक्षक भिवानी और पुलिस अधीक्षक शिमला को पीड़िता की सुरक्षा प्रदान करने के लिए निर्देश जारी किए हैं।
प्रतिभा सुमन ने कहा कि आयोग की सदस्य पीड़िता के परिजनों से मिले थे। इसके बाद मीडिया में प्रकाशित बात पर पुलिस अधीक्षक शिमला की ओर से उन्हें पत्र आया है।
इसमें शिमला पुलिस ने पूछा कि आयोग की सदस्य ने किस बात को आधार बनाकर पुलिस जांच पर सवाल उठाए? उधर, एसपी शिमला ओमापति जमवाल ने कहा कि उन्होंने केवल मामले से संबंधित जानकारी उपलब्ध करवाने का आग्रह पत्र भेजा है।
पीड़िता के पिता ने अमर उजाला से कहा कि पूरा परिवार मानसिक प्रताड़ना से गुजर रहा है। अभी उन्हें न्याय नहीं मिला है। पुलिस ने उसके मोबाइल और सिम के साथ केनरा बैंक का एटीएम और एसबीआई बैंक की पासबुक भी कब्जे में ली है। इतने दिन हो गए फोरेंसिक रिपोर्ट क्यों नहीं आ रही है? बेटी का शिमला में पेपर है, उसे जान का खतरा है कि कोई हमला न कर दे।