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शिमला दुष्कर्म: एसआईटी ने 24 दिनों के बाद तोड़ी चुप्पी, ये कहा

Thu, 23 May 2019 06:54 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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राजधानी शिमला में चलती कार में दुष्कर्म मामले में अभी तक उदासीन रवैया अपनाने वाली एसआईटी ने आखिरकार 24 दिन बाद चुप्पी तोड़ी है। एसआईटी ने कहा कि अभी तक की जांच में इलाके के कई हिस्ट्रीशीटरों के साथ आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों से पूछताछ की गई है।
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शिकायतकर्ता के दोस्तों के सहित गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। गौरतलब है कि इस मामले में बीते दिन ही पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा चुके हैं।

उन्होंने इस मामले को शर्मनाक बताते हुए इसकी सीबीआई जांच करवाने की मांग उठाई थी। दुष्कर्म मामले ठंडे बस्ते में डालने के बीच अमर उजाला ने पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए मुहिम शुरू की है। आखिरकार 24 दिन बाद एसआईटी ने अपना बयान जारी किया है। 
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एसआईटी के प्रमुख एएसपी प्रवीर ठाकुर की ओर से बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि मामले में उन्हें फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है। जुन्गा लैब को रिमाइंडर भेजा गया है। अब तक की जांच में सीडीआर, सीसीटीवी फुटेज और डंप डाटा का विश्लेषण किया गया है।

परीक्षा देने जाने के लिए छात्रा को सुरक्षा मुहैया करवाने के निर्देश

घटना के प्रासंगिक समय के दौरान मौके पर मौजूद छह गवाहों की जांच की गई। दुष्कर्म मामले में हरियाणा महिला आयोग ने शिमला पुलिस की कार्यप्रणाली सवाल उठाए हैं। आयोग ने पुलिस अधीक्षक शिमला को लिखे पत्र में कहा है कि आयोग पुलिस जांच से संतुष्ट नहीं है।

मामले में कोताही बरती गई है। कहा कि पीड़िता की शिकायत पर आयोग उसे सुरक्षा मुहैया करवाएगा। आयोग ने पुलिस अधीक्षक भिवानी और पुलिस अधीक्षक शिमला को पीड़िता की सुरक्षा प्रदान करने के लिए निर्देश जारी किए हैं।

प्रतिभा सुमन ने कहा कि आयोग की सदस्य पीड़िता के परिजनों से मिले थे। इसके बाद मीडिया में प्रकाशित बात पर पुलिस अधीक्षक शिमला की ओर से उन्हें पत्र आया है।
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क्या कहते हैं पीड़िता के परिजन

इसमें शिमला पुलिस ने पूछा कि आयोग की सदस्य ने किस बात को आधार बनाकर पुलिस जांच पर सवाल उठाए? उधर, एसपी शिमला ओमापति जमवाल ने कहा कि उन्होंने केवल मामले से संबंधित जानकारी उपलब्ध करवाने का आग्रह पत्र भेजा है।

पीड़िता के पिता ने अमर उजाला से कहा कि पूरा परिवार मानसिक प्रताड़ना से गुजर रहा है। अभी उन्हें न्याय नहीं मिला है। पुलिस ने उसके मोबाइल और सिम के साथ केनरा बैंक का एटीएम और एसबीआई बैंक की पासबुक भी कब्जे में ली है। इतने दिन हो गए फोरेंसिक रिपोर्ट क्यों नहीं आ रही है? बेटी का शिमला में पेपर है, उसे जान का खतरा है कि कोई हमला न कर दे। 
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