ईवीएम-वीवीपैट (फाइल फोटो)
प्रदेश की चारों सीटों पर आखिरी चरण में 19 मई को हुए मतदान के बाद अब सभी की निगाहें गुरुवार को आने वाले नतीजों पर टिक गई है। इसके लिए कल 18 केंद्रों में कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना होगी।
मतगणना शुरू होने के एक घंटे बाद ही रुझान आने शुरू हो जाएंगे। किस सीट पर कौन आगे है और कौन पीछे, इसकी जानकारी मिलती रहेगी। आयोग ने हर संसदीय क्षेत्र के शहरों में मीडिया सेंटर बनाए हैं। इसमें लाउड स्पीकर के माध्यम से लोगों को चुनावी नतीजों की जानकारी दी जाएगी।
हिमाचल में चारों सीटों पर प्रमुख मुकाबला भाजपा और कांग्रेस में ही माना जा रहा है। मंडी सीट से सीपीआईएम के प्रत्याशी ने भी चुनाव लड़ा है। इनके अलावा कुछ अन्य दलों के और निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी चुनाव लड़े हैं।
हिमाचल मूल के 34,304 सैनिकों के पोस्टल बैलेट पेपर चुनाव आयोग के पास पहुंच चुके हैं। इन्होंने पोस्टल बैलेट से वोट डाले हैं। शुरुआत में पोस्टल बैलेट की गणना होगी। उसके बाद ईवीएम खुलेंगी।
693 टेबल लगाए, 2100 कर्मचारी करेंगे मतगणना
चुनाव आयोग ने 18 केंद्रों में मतों की गणना के लिए 693 टेबल लगाए हैं। हर टेबल पर तीन कर्मचारी तैनात होंगे। कुल मिलाकर एक साथ 2100 कर्मचारी मतों की गणना करेंगे। इसके अलावा रिजर्व कर्मचारी भी रहेंगे।
हर केंद्र पर सुरक्षा कर्मियों के तीन घेरे होंगे। अर्द्धसैनिक बलों के जवानों, पुलिस कर्मचारियों और होमगार्डों की नियुक्ति होगी। चुनाव आयोग के मुताबिक हर संसदीय क्षेत्र के पांच-पांच बूथों पर वीवीपैट से ईवीएम का मिलान होगा।
हिमाचल पहुंचे अन्य राज्यों से 34 ऑर्ब्जवर
लोकसभा चुनाव की मतगणना के चलते विभिन्न राज्यों से 34 ऑर्ब्जवर हिमाचल पहुंच गए हैं। यह अधिकारी मतगणना, व्यवस्था और अन्य गतिविधियों का जायजा लेंगे। इसकी रिपोर्ट चुनाव आयोग को देंगे।
इंटरनेट और बिजली आपूर्ति के खास इंतजाम
अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डीके रतन ने बताया कि मतगणना केंद्रों पर कंप्यूटर, हाई स्पीड इंटरनेट यानी आठ एमबीपीएस और बिजली आपूर्ति बाधित न हो, इसका खास इंतजाम किया गया है।