धौलाकुआं में स्टील उद्योग के बाहर ग्रामीणों की हड़ताल 20वें दिन आमरण अनशन में बदल गई। प्रशासन की ओर से लोगों की सुध न लिए जाने से ग्रामीणों में भारी गुस्सा है। लिहाजा, शुक्रवार से समाजसेवी नाथूराम चौहान, पंचायत उपप्रधान रजनीश सिंह, केवल सिंह, कुलदीप सिंह, कृष्णा देवी और सुरेंद्र कुमार आमरण अनशन पर बैठ गए। उनके साथ तीन पंचायतों के 100 से अधिक ग्रामीण भी शामिल हो गए हैं।
दरअसल, ग्रामीण यहां चल रहे स्टील उद्योग से निकल रहे भारी प्रदूषण के विरोध में हड़ताल पर हैं। लोगों का कहना है कि फैक्टरी से निकल रहा प्रदूषण न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है बल्कि गोवंश, नदी नाले, पेड़ पौधे और फसलें भी इसकी चपेट में आ रही हैं। लोगों में लगातार एलर्जी की शिकायतें आ रही हैं। आरोप है कि उद्योग से निकलने वाले धुएं से आसपास का वातावरण खराब हो चुका है।
लोगों की सेहत पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। लोगों में कई गंभीर बीमारियों का खतरा बना हुआ है। इस मौके पर समाजसेवी नाथूराम चौहान ने कहा कि 20 दिन से लोग धरने पर बैठे हुए हैं लेकिन प्रशासन ने अबतक उनकी कोई सुध नहीं ली है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पांवटा साहिब में यमुना शरद महोत्सव मना रहा है। उन्होंने सवाल उठाए कि ये कैसा महोत्सव है। लोग यहां सांस नहीं ले पा रहे हैं। लोग कई गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे हैं।
फैक्टरी के धुएं से लोगों का दम घुट रहा है। हवा में सांस नहीं ले सकते हैं। जमीन काली पड़ गई है। फसलें खराब हो रही है और पांवटा साहिब में महोत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने अफसरों के खिलाफ भी सरकार से कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई। इस मौके पर उपप्रधान रजनीश चौधरी, वार्ड सदस्य केवल सिंह, कृष्णा देवी, सुल्तान, श्याम, महिला मंडल प्रधान कृष्णा, अनीता देवी, अंजना देवी, स्वर्ण कौर, सत्या देवी, पान सिंह, मोहन लाल रविंद्र कुमार, भीम सिंह, संदीप कुमार, कुलदीप आदि मौजूद रहे।