हिमाचल उत्तराखंड राज्य सीमा पर बहती यमुना नदी में हिमाचल क्षेत्र में कोई बांध नहीं
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दिल्ली में पानी की किल्लत को काफी विकट स्थिति चल रही है। इसमें हिमाचल से दिल्ली को पानी छोड़ने की बात सामने आ रही है। हिमाचल उत्तराखंड सीमा पर बहने वाली यमुना नदी पर पानी रोकने को हिमाचल सीमा में कोई बांध नहीं है। सहायक नदियों टौंस, बाता व गिरि नदी का पानी यमुना के माध्यम से पहले ही हरियाणा के हथनीकुंड बांध पर ही जा रहा है। दिल्ली को सीधे तौर पर गिरी नदी से पानी छोड़ने का फिलहाल कोई प्रावधान व प्रक्रिया ही नहीं है।
बता दें कि पड़ोसी राज्य उतराखंड की यमुनोत्री से निकलने वाला पानी उतराखंड के डाकपत्थर बैराज में रोका जाता है। टनल के माध्यम से आसन बैराज में बिजली तैयार करने के बाद पानी नहर के माध्यम से हरियाणा हथनीकुंड व ताजेवाला बैराज तक पहुंचता है। उतराखंड से भगानी के समीप होते हुए करीब 16 किमी तक हिमाचल सीमा पर बहती है। हिमाचल क्षेत्र में कोई बांध नही बना है।
उत्तराखंड डाकपत्थर से भी नाममात्र का पानी यमुना नदी में पहुंचता है। ऐसे में हिमाचल की टौंस, गिरि नदी व बाता सहायक नदियों का पानी यमुना नदी में मिल कर हरियाणा के हथनीकुंड तक पहुंचता है। पानी रोकने का स्थल हथनीकुंड बैराज है। मिली जानकारी अनुसार इस बैराज से इस्टर्न टनल से उतर प्रदेश तथा वेस्टर्न टनल के हरियाणा पानी जाता है। हथनीकुंड से शेष पानी पश्चिम यमुना नहर के माध्यम से करनाल के मुनक पनीपत और सोनीपत से होकर दिल्ली पहुंच जाता है।