मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सीलन ने चिकित्सकों और उपचार करवाने पहुंच रहे मरीजों की परेशानी बढ़ा दी है। गायनी, नेत्रदान, ईएनटी और अस्थि रोग ओपीडी की दीवारों में सीलन से छत और दीवारें खराब हो रही हैं। कई जगह तो छत से पलस्तर भी उखड़कर गिर रहा है। ऐसे में चिकित्सकों को डर के साये में मरीजों के स्वास्थ्य की जांच करनी पड़ रही है। सबसे ज्यादा बुरा हाल गायनी ओपीडी का है। ओपीडी के कमरे की छत से सीलन के चलते जगह-जगह से पलस्टर गिर रहा है। वहीं, दीवारें भी जगह-जगह से उखड़ रही हैं।
दीवारों में फंगस लगी है। ऐसे में चिकित्सकों को यहां बैठना मुश्किल हो रहा है। गौरतलब है कि जिले का एकमात्र मेडिकल कॉलेज होने से रोजाना यहां 700 से 900 की ओपीडी होती है। इनमें से 150 से अधिक ओपीडी अकेले गायनी की होती है। यहां गर्भवती महिलाओं सहित अन्य रोगों से पीड़ित महिलाएं इलाज करवाने पहुंचती हैं, लेकिन ओपीडी की हालत खस्ता होने के चलते उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सक भी जोखिम लेकर उपचार करने के लिए मजबूर हैं।
हालांकि इस बारे में मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को अवगत करवाया गया, लेकिन अभी तक कोई सुध नहीं ली गई है। इसके अलावा नेत्रदान ओपीडी, इएनटी और अस्थि रोग ओपीडी के कमरों में भी कई जगह सीलन आई है।मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य डॉ. श्याम लाल कौशिक ने बताया कि वे गायनी और अन्य ओपीडी का निरीक्षण करेंगे। उन्होंने बताया कि यदि सीलन की समस्या है तो कॉलेज प्रबंधन को इसका आकलन कर दुरुस्त करने के निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में लोगों को बेहतर उपचार देने के लिए प्रबंधन प्रयासरत है।
फाइल 10 के साथ गायनी ओपीडी के बाहर की दीवार पर सीलन से जमीं काई और उगी घास। संवाद- फोटो : NAHAN