हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी छोटी काशी मंडी अनूठे संगम का गवाह बनी। ऐतिहासिक सेरी मंच पर मेरी लाडली से देशभर में अलग पहचान बनाने के बाद छोटी काशी के सिर पर एक और ताज सजा। यहां पर सिख समाज ने महिला सशक्तिकरण की अनूठी इबारत लिखते हुए महिलाओं से आनंद कारज (शादी) की तमाम रस्में पूरी करवाईं।
महिलाओं ने कृपाण धारण कर आनंद कारज की हर रस्म अदा की। शादी समारोह में हर धर्म के लोगों ने शिरकत की। आनंद कारज में सतगुरु दलीप सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। नामधारी संगत ट्रस्ट ने इस आयोजन का जिम्मा संभाला।
जिला मुख्यालय में नामधारी संगत मंडी की ओर से सेरी मंच पर गौरक्षा और देश की उन्नति के लिए हवन यज्ञ और चंडी दी वार के पाठ तथा बिना दहेज के साधारण आनंद कारज महिलाओं ने संपन्न करवाया। आनंद कारज में हवन यज्ञ भी महिलाओं ने ही करवाया।
11 महिलाएं ने संभाला जिम्मा, इस तरह से चले कार्यक्रम
आनंद कारज में 11 महिलाओं ने हर रस्म को अदा किया। सुबह तड़के आसा दी वार (भजन कीर्तन) का आयोजन होगा। आठ बजे से हवन यज्ञ हुआ। हवन यज्ञ में सात महिलाओं ने अहम भूमिका निभाई।
इसके बाद चंडी की वार का पाठ (दुर्गा पाठ) का आयोजन हुआ। 10 बजे के बाद आनंद कारज में फेरों की रस्म दो महिलाएं ने अदा करवाई। इस दौरान एक महिला ने गंधचतरावा (फेरे का बंधन) की रस्म अदा की।