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Shimla News: योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए ऋण प्रक्रिया करें सरल

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डीसी कार्यालय के बचत भवन में आयोजित बैठक में दिए निर्देश, बोले-योजाओं की रखें पूरी और स्टीक जानकारी सहायता समूह की महिलाओं को ऋण स्वीकृति के पत्र बांटे
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। उपायुक्त कार्यालय के बचत भवन में वीरवार को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह लोन दिवस का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने बैंकों को निर्देश दिए कि ऋण प्रक्रिया को सरल बनाएं ताकि लोग सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने सहायता समूह की महिलाओं को ऋण स्वीकृति पत्र भी बांटे। कहा कि योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए इसकी जानकारी पूरी और सटीक होनी चाहिए। कहा कि लोन दिवस आयोजित करने का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों के लिए ऋण आवेदन की त्वरित और निर्बाध प्रक्रिया को सरल बनाना, एसएचजी ऋण से संबंधित लंबित मुद्दों का समाधान करना है। इसके अलावा पात्र स्वयं सहायता समूहों को समय पर ऋण वितरण सुनिश्चित करना और स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को वित्तीय साक्षरता प्रदान इस दिवस का अहम हिस्सा है।

उन्होंने बताया कि जिले की 800 महिलाओं को ऋण दिलाने का लक्ष्य रखा था जिसके तहत 674 मामले बैंकों को भेजे हैं। इसमें 84 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया है। बैठक में बताया कि मशोबरा, छोहारा, ठियोग, रामपुर और चौपाल खंड ने 100 प्रतिशत से अधिक का लक्ष्य प्राप्त किया है। अनुपम कश्यप ने सभी खंड विकास अधिकारियों को ऋण मामलों को लेकर बैंकर्स से बैठक करने ताकि किसी भी प्रकार की आपत्तियों को हटाया जा सके। उन्होंने अतिरिक्त उपायुक्त अभिषेक वर्मा को यह सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए कि सभी दीदी को प्रशिक्षण मिले ताकि उनको अपना कार्य करने में सहायता हो।
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ठियोग की रीता और ममता सम्मानित
उपायुक्त ने एफएलसीआरपी-क्रेडिट मोबिलाइजर को सम्मानित भी किया। इसमें ठियोग से रीता और ममता, छोहारा से मनू, रीना और सुषमा, चौपाल से सुनीता, पूजा, रक्षा और मीनाक्षी, रामपुर से आशा तथा मशोबरा से मीरा शामिल रहीं। ऋण वितरण में बेहतर कार्य करने वाले बैंकों में हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक को पहला, यूको बैंक को दूसरा और एसबीआई बैंक को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ।

पतल बनाकर महिलाएं कर रही हैं कमाई
डीसी अनुपम कश्यप ने बताया कि स्वयं सहायता समूह पत्तल बनाकर इसकी आपूर्ति तारादेवी मंदिर और संकटमोचन मंदिर में कर रहे हैैं। इससे समूह की महिलाओं को एक स्थायी आमदनी मिल रही है। इससे महिलाओं का सशक्तीकरण सुनिश्चित हुआ है। प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन का ध्येय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना है और इस कड़ी में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है।
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