शक्तिपीठ माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में श्रावण अष्टमी मेलों का शुभारंभ
उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में शुक्रवार सुबह श्रावण अष्टमी नवरात्र मेले का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। मंदिर के पुजारी वर्ग ने विशेष हवन में आहुतियां अर्पित कर मेले की शुरुआत की। श्रावण अष्टमी पर शुरू हुए इस विशेष आयोजन के पहले ही दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने माता रानी के पवित्र पिंडी के दर्शन किए और मन्नतें मांगीं। पूरे मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों और लाइटिंग से दुल्हन की तरह सजाया गया है, जो श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री की पत्नी और देहरा की विधायक कमलेश ठाकुर भी मंदिर पहुंचीं और मां चिंतपूर्णी का आशीर्वाद लिया। यह मेला माता चिंतपूर्णी मंदिर में साल भर के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है, जिसमें देशभर से भक्त बड़ी संख्या में शामिल होते हैं।
श्रावण अष्टमी के पहले मेले पर श्री नयना देवी में दर्शनों के लिए उमड़े श्रद्धालु
उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयना देवी में श्रावण अष्टमी मेले के पहले दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुख्ता प्रबंध प्रशासन की ओर से किए गए हैं। जत्थों में श्रद्धालुओं को मंदिर के अंदर दर्शनों के लिए भेजा रहा है। वहीं जगह-जगह लंगर आयोजित किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के चलते 800 पुलिस और होमगार्ड के जवान मंदिर में तैनात किए गए हैं। मंदिर क्षेत्र को 18 सेक्टरों में बांटा गया है। वहीं हर क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरा के माध्यम से की जा रही है।
मुख्यमंत्री सुक्खू की पत्नी ने चिंतपूर्णी मंदिर में की पूजा
श्रावण अष्टमी मेले के पहले दिन मुख्यमंत्री की पत्नी कमलेश ठाकुर ने चिंतपूर्णी मंदिर में पूजा-अर्चना की। एसडीएम अंब सचिन शर्मा भी इस दौरान मौजूद रहे। मंदिर प्रशासन ने देहरा विधानसभा की विधायक और मुख्यमंत्री की पत्नी कमलेश ठाकुर को माता रानी की फोटो देकर सम्मानित किया। एसडीएम अंब सचिन शर्मा ने भी इस दौरान पूजा-अर्चना में भाग लिया। श्रावण अष्टमी मेले का बहुत महत्व है। यह मेला चिंतपूर्णी मंदिर में आयोजित किया जाता है और इस दौरान मां चिंतपूर्णी का दरबार दुल्हन की तरह सजाया जाता है। मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है और सभी मां चिंतपूर्णी के दर्शन करने के लिए आते हैं।