मां शूलिनी को समर्पित राज्य स्तरीय शूलिनी मेला इस बार नहीं होगा। मां की पालकी को न निकालने का भी निर्णय लिया गया है। इसमें सिर्फ हर वर्ष की तरह मंदिर में पूजा अर्चना की जाएगी। जिसके दर्शन लोग ऑनलाइन ही कर सकेंगे। जबकि मंदिर में सिर्फ पुजारी के अलावा अनुमति प्राप्त कम से कम लोग ही रह सकेंगे। उपायुक्त सोलन ने बताया कि यह निर्णय कोविड-19 के खतरे को देखकर लिया गया है।
मेले की परंपरा के अनुरूप 19 जून को केवल अनुमति प्राप्त कम से कम व्यक्तियों की ओर से ही नियमानुसार पूजा-अर्चना की जाएगी। इस अवधि में भी मंदिर बंद रहेगा। माता की पारंपरिक शोभा यात्रा भी इस वर्ष नहीं निकाली जाएगी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कोई भी भंडारा नहीं होगा। सुविधा के लिए मां शूलिनी के दर्शन और पारंपरिक पूजा-अर्चना का लाइव प्रसारण लोग देख सकेंगे। श्रद्धालु लाइव प्रसारण को यू-टयूब, फेसबुक और फेसबुक पर देख सकते हैं।
माता के लाइव दर्शन की व्यवस्था भविष्य में भी जारी रहेगी। श्रद्धालु ऑनलाइन शूलिनी मंदिर के अकाउंट में दान कर सकेंगे। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव, अतिरिक्त उपायुक्त सोलन विवेक चंदेल और उपमंडलाधिकारी रोहित राठौर भी मौजूद रहे।