शूलिनी माता का तीन दिवसीय मेला शुक्रवार से शुरू हुआ। मेले का शुभारंभ मुख्यातिथि, सदर के विधायक एवं मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने किया। उन्होंने सबसे पहले शूलिनी माता की पूजा-अर्चना की। इसके बाद पुराने कचहरी मार्ग पर माता की पालकी का स्वागत किया। हजारों लोग माता के दर्शनों के लिए उमड़ पड़े।
लोग जगह-जगह घंटों तक कतारबद्ध होकर माता के दर्शनों के लिए इंतजार करते रहे। शूलिनी माता को सोलन की अधिष्ठात्री देवी भी माना जाता है। माता की पालकी शोभायात्रा मंदिर से आरंभ होकर पुराने कचहरी मार्ग से निकलकर गंज बाजार, चौक बाजार और अपर बाजार होती हुई पुराने बस स्टैंड पहुंची। यहां माता की पालकी को दर्शनों के लिए करीब डेढ़ घंटे तक रखा गया।
हजारों लोगों में मां के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद लिया। माता के दर्शनों के लिए लोगों में बेहद उत्साह देखा गया। भारी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। इस दौरान शहर भर में लोगों ने भंडारे भी लगाए। राज्यस्तरीय शूलिनी मेले का शुभारंभ मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने करना था, लेकिन व्यस्तता के चलते वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए।
सीएम के स्वागत को लेकर प्रशासन समेत अन्य तमाम विभागों ने पूरी तैयारियां कर रखी थीं। मुख्यमंत्री का दौरा रद्द होने से सोलन में करोड़ों के शिलान्यास और उद्घाटन भी टल गए हैं। मुख्यमंत्री को सोलन में मिनी सचिवालय का उद्घाटन करना था। आगामी एक सप्ताह में पुराने कार्यालय से विभागों को नए भवन में बदलने की बात कही जा रही है। इसमें अब देरी हो सकती है।