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हिमाचल को घोषित कर दिया खुला शौच मुक्त, चौंकाने वाली सच्चाई आई सामने

Sat, 19 Nov 2016 07:22 PM IST
धर्मेंद्र पंडित/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल सरकार ने भले ही प्रदेश को खुला शौच मुक्त घोषित कर दिया हो लेकिन शहरी निकायों में अभी भी 10 हजार से अधिक परिवारों के पास शौचालय नहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्र पूर्ण रूप से खुला शौच मुक्त नहीं हुए हैं। इनका आंकड़ा सैकड़ों में है। प्रदेश के पांच जिले पूर्ण खुला शौच मुक्त हैं जबकि चंबा, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, सिरमौर, सोलन और ऊना जिले अभी खुला शौच मुक्त नहीं हुए हैं।
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ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो हिमाचल 97 फीसदी खुला शौच मुक्त हुआ है। हिमाचल को खुला शौच मुक्त करने के लिए केंद्र सरकार फंडिंग करती है। ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय बनाने के लिए 12 हजार जबकि शहरी क्षेत्र के लोगों को 5,333 रुपये दिए जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को शौचालय बनाने के लिए यह पैसा जारी किया गया है जबकि शहरी क्षेत्रों में इस पैसे का आवंटन नहीं हुआ है।
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10 हजार परिवारों ने अभी कर रखा है आवेदन

शहरी निकायों के 10 हजार परिवारों ने शौचालय बनाने के लिए शहरी विकास विभाग के पास पैसे के लिए आवेदन किया है। शहरी विकास विभाग ने यह पैसा निकायों को भेज दिया है और आवेदनकर्ताओं को शौचालय बनाने के लिए पैसा लेने की बात कही है। आवेदनकर्ताओं को यह पैसा दो किश्तों में देने की बात कही गई है। 

निदेशक ग्रामीण एवं पंचायती राज विभाग आर सेलवम ने कहा कि ग्रामीण एवं पंचायती राज विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों को खुला शौच मुक्त किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में सभी लोगों के पास शौचालय हैं। ऐसा हो सकता है कि सर्वे के बाद परिवार बंट जाने की स्थिति में कुछेक लोगों के पास शौचालय न हों। 

प्रोजेक्ट आफिसर यूडी बीएस ठाकुर ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में शौचालय बनाने के लिए लोगों को पैसा दिया जा रहा है। शहरों में कई परिवारों के पास शौचालय नहीं हैं। ऐसे परिवार शहरी विकास विभाग में पैसे के लिए आवेदन कर रहे हैं, उन्हें पैसा दिया जा रहा है। 
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