हिमाचल सरकार ने भले ही प्रदेश को खुला शौच मुक्त घोषित कर दिया हो लेकिन शहरी निकायों में अभी भी 10 हजार से अधिक परिवारों के पास शौचालय नहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्र पूर्ण रूप से खुला शौच मुक्त नहीं हुए हैं। इनका आंकड़ा सैकड़ों में है। प्रदेश के पांच जिले पूर्ण खुला शौच मुक्त हैं जबकि चंबा, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, सिरमौर, सोलन और ऊना जिले अभी खुला शौच मुक्त नहीं हुए हैं।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो हिमाचल 97 फीसदी खुला शौच मुक्त हुआ है। हिमाचल को खुला शौच मुक्त करने के लिए केंद्र सरकार फंडिंग करती है। ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय बनाने के लिए 12 हजार जबकि शहरी क्षेत्र के लोगों को 5,333 रुपये दिए जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को शौचालय बनाने के लिए यह पैसा जारी किया गया है जबकि शहरी क्षेत्रों में इस पैसे का आवंटन नहीं हुआ है।