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झटका : नगर निगम वापस ले सकता है कूड़ा शुल्क में राहत देने वाला फैसला

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सैहब सोसायटी के कर्मचारियों की सालाना वेतन बढ़ोतरी पर चार जून को होने वाली एजीएम में मुहर लगने की संभावना
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कूड़ा शुल्क में दी गई राहत की जा सकती है रद्द
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहरवासियों को अगले वर्ष से कूड़ा शुल्क में बढ़ोतरी से राहत देने का नगर निगम का फैसला वापस लिया जा सकता है। सैहब सोसायटी के कर्मचारियों को सालाना वेतन वृद्धि देने के लिए निगम को बीते सदन में लिया गया अपना निर्णय बदलना पड़ सकता है।

सैहब सोसायटी के कर्मचारियों की सालाना वेतन वृद्धि के प्रस्ताव पर चार जून को होने वाली एजीएम में फैसला लिया जाएगा। कर्मचारियों को पहले हर साल 10 प्रतिशत वेतन वृद्धि मिल रही थी। करीब नौ साल बाद अप्रैल में शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह की अध्यक्षता में हुई एजीएम बैठक में इस वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी गई थी। एजीएम में तर्क दिया था कि कर्मचारियों को सालाना 10 प्रतिशत वेतन वृद्धि देने का बोझ आम जनता पर डाला जा रहा है। इसके बाद निर्णय लिया गया कि सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले डीए की तर्ज पर ही इन कर्मियों को वेतन वृद्धि दी जाएगी। इसके बाद निगम सदन ने शहरवासियों को राहत देते हुए कूड़ा शुल्क में वार्षिक बढ़ोतरी को 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया था। यह फैसला अगले वर्ष से लागू होना था। हालांकि सैहब कर्मचारियों की हड़ताल के बाद अब नगर निगम ने एक बार फिर वेतन वृद्धि देने पर सहमति जताई है। इस पर चार जून को एजीएम की विशेष बैठक भी बुलाई है। नगर निगम का कहना है कि यदि कर्मचारियों की वेतन वृद्धि पर फैसला होता है, तो खर्च पूरा करने के लिए कूड़ा शुल्क में पहले की तरह बढ़ोतरी जारी रखना जरूरी हो जाएगा। इस पर अंतिम निर्णय सदन ही लेगा।
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वेतन बढ़ोतरी के लिए स्लैब बनाने की तैयारी
नगर निगम सैहब कर्मचारियों को वेतन वृद्धि देने के लिए स्लैब सिस्टम लागू कर सकता है। इसके तहत निचले स्तर के कर्मचारियों, यानी गारबेज कलेक्टरों को सबसे अधिक लाभ देने की तैयारी है। सैहब में इनकी संख्या सबसे अधिक है, जबकि उनका वेतन सबसे कम है। सुपरवाइजरों और कोऑर्डिनेटरों का वेतन उनसे अधिक है। निगम इन्हें अलग-अलग दरों पर वेतन वृद्धि दे सकता है। महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों को अपेक्षाकृत कम वेतन मिल रहा है, इसलिए उनकी तनख्वाह बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि वेतन वृद्धि के बाद कूड़ा शुल्क से जुड़े फैसले की भी समीक्षा की जाएगी।
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