नाराज कारोबारी आज बैठक के बाद करेंगे चुनाव की तारीख का एलान
व्यापार मंडल ले चुका है चुनाव न कराने का फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। व्यापार मंडल शिमला के चुनाव पर शहर के कारोबारियों में घमासान मच गया है। एक ओर शिमला व्यापार मंडल उपनगरों के पदाधिकारियों को अपनी कार्यकारिणी में शामिल करने जा रहा है तो दूसरी ओर नाराज धड़े ने बुधवार तक चुनाव तारीखों का एलान करने दावा किया है।
सोमवार को शहर में चुनाव पर कारोबारियों में खासी चर्चा रही। कारोबारी नेता अलग-अलग जगह पर बैठकें करते रहे। शिमला व्यापार मंडल ने कहा कि चुनाव टलने के बाद अब जनरल हाउस के फैसले के अनुसार कार्यकारिणी का विस्तार किया जाएगा। इसमें उपनगरों के व्यापार मंडलों के अध्यक्ष और महासचिव शामिल किए जाएंगे। चुनाव टलने से नाराज कारोबारियों के धड़े ने चुनाव करवाने की तैयारी कर ली है। मंगलवार को बैठक बुलाकर चुनाव की तारीख तय हो सकती है। अगस्त के अंत तक चुनाव करवाने का दावा किया जा रहा है।
नाराज धड़े में शामिल कारोबारी नेता एवं चुनाव कमेटी अध्यक्ष अश्वनी मिनोचा ने कहा कि रविवार को जनरल हाउस के नाम पर सिर्फ अपने चुनिंदा लोगों को बुलाया था ताकि कार्यकाल आगे बढ़ाया जा सके। कहा कि ऐसा नहीं चलेगा। मिनोचा ने कहा कि शिमला व्यापार मंडल में रामपुर, रोहड़ू तक को शामिल किया है जबकि शहर के कारोबारी चाहते हैं कि ऐसा संगठन बने जो शहर के कारोबारियों की समस्याएं उठाएं। बैठक में फैसला लेंगे कि उपनगरों को शामिल करना है या नहीं। यदि उपनगरों को शामिल करते हैं तो कहीं का भी व्यापारी चुनाव लड़ सकता है। मिनोचा ने कहा कि आठ साल हो गए, लेकिन शिमला व्यापार मंडल ने चुनाव नहीं करवाए। अब कोरोना का बहाना कर चुनाव टाल दिए लेकिन कारोबारी अब खुद चुनाव करवाएंगे।
चुनाव टालना हाउस का फैसला : अध्यक्ष
शिमला व्यापार मंडल अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने कहा कि चुनाव एक साल के लिए टालना जनरल हाउस का फैसला है। हाउस में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया है। हाउस के फैसले के अनुसार उपनगरों के व्यापार मंडलों के अध्यक्ष और महासचिव शिमला व्यापार मंडल का हिस्सा बनेंगे। उन्हें कार्यकारिणी में शामिल किया जा रहा है।