इस साल सस्ती टिकट पर शिमला से दिल्ली तक हवाई सफर का लुत्फ उठाने को नहीं मिलेगा। नवंबर और दिसंबर महीने की सस्ती टिकटें एडवांस में बुक हो चुकी हैं। 2492 रुपये की टिकट पर दिल्ली तक हवाई जहाज में जाने के लिए नए साल में छह जनवरी तक का इंतजार करना पड़ेगा। इससे पहले हवाई जहाज में जाने के लिए लोगों को 17 से 19 हजार रुपये प्रति सीट चुकाने होंगे।
शिमला से दिल्ली तक एक घंटे दस मिनट का हवाई सफर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी वर्ष 27 अप्रैल को शिमला के जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे से उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना को शुरू किया है। करीब ढाई हजार रुपये में आम आदमी भी जहाज से सफर कर सकता है, लेकिन सस्ती टिकटों की एडवांस बुकिंग पर जोर होने के चलते लोगों का हवाई सफर करने का सपना पूरा होता नहीं दिख रहा है।
शिमला और दिल्ली के बीच में 35 सीटर हवाई जहाज उड़ता है। दिल्ली से 25 लोगों को एयर लिफ्ट किया जाता है जबकि शिमला से सिर्फ 14 लोग ही हवाई सफर कर सकते हैं। सितंबर 2012 में किंगफिशर की उड़ान बंद होने के बाद करीब पांच साल तक राजधानी शिमला का हवाई अड्डा सुनसान रहा। यहां पर चार्टर उड़ानें ही होती थीं।
शिमला से इन तारीखों को हैं सस्ती टिकटें
नए साल में छह जनवरी के अलावा आठ, 13, 18, 26 जनवरी और एक और तीन फरवरी को शिमला से दिल्ली के लिए 2492 रुपये में टिकट मिल सकती है। इन तारीखों में भी सिर्फ एक-एक सीट ही सस्ते रेट पर मिलेगी।
बुधवार सुबह के समय तीन जनवरी को भी सस्ती टिकट उपलब्ध थी लेकिन शाम होते ही तीन जनवरी की सस्ती टिकट भी बुक हो गई। वीरवार सुबह तक उपरोक्त तारीखों की सस्ती टिकटें भी बिकने की संभावना है।
दिल्ली से 14 जनवरी से मिलेंगी सस्ती टिकटें
शिमला। दिल्ली से शिमला आने के लिए सस्ती दरों पर टिकटें नए साल में ही मिलेंगी। दिल्ली से शिमला आने के लिए सस्ती टिकट का रेट 2623 रुपये है। सस्ते रेट पर 14 जनवरी को एक सीट, 17 जनवरी को चार सीटें, 28 व 29 जनवरी को भी एक-एक सीट, 30
और 31 जनवरी को चार-चार सीटें, पहली फरवरी को एक सीट, दो फरवरी को दो सीटें, चार फरवरी को एक सीट और पांच फरवरी को पांच सीटें सस्ती दरों पर उपलब्ध हैं। इस साल नवंबर और दिसंबर माह में दिल्ली से शिमला आने के लिए 6 हजार से लेकर 19 हजार रुपये तक की सीटें उपलब्ध हैं।
भुंतर एयरपोर्ट पर बारिश और कोहरे में भी लैंड करेगा जहाज
भुंतर एयरपोर्ट में अब कोहरे और बारिश में भी हवाई जहाज लैंडिंग कर सकेगा। इसके लिए मंडी जिले के बालीचौकी स्थित थाची गांव के पास डीवीओआर उपकरण स्थापित किया जा रहा है।
इसके लिए यहां एक एकड़ जमीन भारतीय एयरपोर्ट अथॉरिटी ने अपने नाम कर ली है। यहां पर चारों ओर दीवार लगाकर एक भवन का भी निर्माण किया जाएगा। बारिश और घने कोहरे के चलते भुंतर एयरपोर्ट में लैंडिंग नहीं हो पाती है और ऐसे में हवाई जहाज सुंदरनगर की पहाड़ी से आगे नहीं आ पाता है।
इसका असर गत साल उड़ानों में देखने को मिला और सर्दी के मौसम में बारिश और कोहरे के कारण करीब 50 दिन तक उड़ानें प्रभावित होती रहीं। अब जहाज लैंडिंग के साथ भुंतर हवाई अड्डे से उड़ान भी भर सकेगा।
भुंतर एयरपोर्ट के निदेशक एए अंसारी ने कहा कि डीवीओआर उपकरण से बारिश और कोहरे में कम विजिविलिटी को दूर कर जहाज को रेडियल दिखाता है। इस उपकरण के लगने से जहाज बारिश, कोहरे और रात के समय भी लैंड करता है।
200 नॉटिकल मील तक होगी रेंज
मंडी जिला के थाची गांव के पास स्थापित डीवीओआर उपकरण से जहाज को बारिश और कोहरे में करीब 200 नॉटिकल मील तक की रेंज मिलेगी। बताया जा रहा है कि इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद 2018 के अंत में इसका लाभ उड़ानों को मिलना शुरू हो जाएगा।