हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में दो घंटे के दौरान 50 मिलीमीटर बारिश हुई है। मंगलवार दोपहर 3:00 से 5:00 बजे तक शिमला शहर में बादल झमाझम बरसे। ओलावृष्टि से शहर की सड़कें सफेद हो गईं। बारिश से मौसम ठंडा हो गया है। इससे पहले मई 2020 में राजधानी शिमला में एक दिन के दौरान 63 मिलीमीटर बारिश दर्ज हो चुकी है। राजधानी में दोपहर बाद हुई भारी ओलावृष्टि से जनजीवन कुछ देर के लिए अस्तव्यस्त हो गया। दोपहर ढाई बजे घने काले बादल घिरने लगे और तीन बजे तक शहर में अंधेरा छा गया। तेज हवाओं के साथ बारिश होने लगी। शहर में ओलावृष्टि से 3:30 से 3:45 बजे तक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रही। साढ़े तीन बजे तक ओलावृष्टि कहर बरपाने लगी और रिज समेत शहर की सड़कों पर सफेद चादर बिछ गई।
सर्कुलर रोड समेत शिमला-चंडीगढ़ हाईवे पर ओलावृष्टि के चलते गाड़ियां स्किड करने लगीं। कार्टरोड, लक्कड़ बाजार, नाभा, कैथू, विधानसभा समेत कई संपर्क सड़कें ओलों की सफेद चादर के चलते बंद हो गईं। इनमें कई जगह गाड़ियां स्किड भी हो गईं जिन्हें धक्का देकर किनारे लगाया। ओलावृष्टि के चलते ओल्ड बसस्टैंड और कार्टरोड पर वाहनों की आवाजाही ठप होने से पुलिस को भी यातायात बहाल करने में मशक्कत करनी पड़ी। कार्टरोड पर कुछे जगह जेसीबी की मदद से ओलावृष्टि की चादर को सड़क से हटाना पड़ा। शाम पांच बजे लक्कड़ बाजार सड़क से ओले हटाने के लिए जेसीबी भेजी। आवाजाही बाधित होने से विक्ट्री टनल से लेकर संकटमोचन तक जाम लगता रहा। संकटमोचन से शिमला पहुंचने में डेढ़ से दो घंटे लग गए। आम दिनों में यह 20 मिनट का सफर है। ढांडा के पास ओलावृष्टि के बीच एक गाड़ी स्किड हो गईं। यहां भी जाम लगा रहा।
सड़क पर मलबा, घरों और दुकानों में घुसा पानी
भारी बारिश के चलते लोअर बाजार और मिडल बाजार की दुकानों में पानी टपकने लगा। लोअर बाजार में सड़क का पानी दुकानों में घुस गया। स्थानीय पार्षद इंद्रजीत सिंह ने कहा कि निगम ने पुरानी दुकानों की मरम्मत तक नहीं करवाई। इनमें रखा सामान अब खराब हो गया। बाजार में सड़क ऊंची हैं और दुकानें नीचे होने से सारा पानी अंदर घुस गया। विकासनगर और लालपानी के पास सड़क पर नाले का मलबा आ गया। इसके चलते यातायात देर शाम तक यहां वनवे रहा। मालरोड पर कचरे के चलते नालियां बंद हो गईं। गंदा पानी मालरोड पर बहने लगा। बस स्टैंड के पास गुरुद्वारे के पास पांच घरों में पानी घुस गया। स्थानीय निवासी वीना देवी ने बताया कि नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा क्षेत्र के लोग भुगत रहे हैं। घर में नाले का पानी घुसने से सामान भी खराब हो गया। पार्षद को कॉल किया लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। कृष्णानगर, विकासनगर, लोअर बाजार और खलीनी में कई जगह सड़क का पानी दुकानों में घुस गया।
अश्वनी खड्ड में बहा टनों के हिसाब से कचरा
राजधानी में भारी बारिश के चलते नालों का पानी कचरे समेत अश्वनी खड्ड में पहुंच गया। इससे चार बजे अचानक अश्वनी खड्ड उफान पर आ गई। जुन्गा के निचले इलाकों और सोलन के साधूपुल कंडाघाट में खड्ड किनारे रहने वाले लोग अचानक उफान देखकर हैरान हो गए। इन इलाकों में हल्की बारिश हुई थी लेकिन शिमला की ओर से बहने वाली खड्ड में अचानक भारी मात्रा में कचरा तथा मलबा देखकर सब हैरान रह गए। कचरे और गंदगी से अश्वनी का पानी काला हो गया। लोगों ने इसके वीडियो बना लिए जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। गौरतलब है कि कुछ साल पहले भी अश्वनी खड्ड का एक वीडियो काफी वायरल हुआ था जिस पर एनजीटी ने संज्ञान भी लिया था।