गर्भवती महिला को कुर्सी पर उठाकर पहुंचाया अस्पताल।
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जुब्बल-कोटखाई विस क्षेत्र की कुड्डू पंचायत के नडाल गांव के बाशिंदे आज भी सड़क सुविधा से महरूम हैं। हालत यह है कि गांव में किसी के बीमार होने और गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए पालकी पर उठाकर पहले मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। शनिवार को भी गांव की एक गर्भवती महिला को आपातकाल में अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को भारी मशक्कत करनी पड़ी।
इसके लिए ग्रामीणों ने गर्भवती महिला को कुर्सी पर बांधने के बाद कंधे पर उठाकर सड़क तक पहुंचाया। इसके लिए उन्हें करीब साढ़े चार किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ा। इसके बाद महिला को मुख्य मार्ग से अस्पताल पहुंचाया गया। सड़क की सुविधा को लेकर लोग प्रशासन और सरकार से कई बार गुहार लगा चुके हैं लेकिन आज तक उनकी मांग पूरी नहीं हो पाई है। इसको लेकर लोगों में भारी रोष है।
जानकारी के मुताबिक नडाल गांव में करीब 30 घरों की बस्ती है। सड़क सुविधा नहीं होने के कारण यहां के लोगों को अपने घरों तक पहुंचने के लिए दो से तीन घंटे तक का पैदल सफर तय करना पड़ रहा है। नडाल गांव से कुड्डू तक साढ़े चार किलोमीटर का पैदल रास्ता है। वहीं गांव के बच्चों को पढ़ाई करने के लिए हर रोज घंटों पैदल चलना पड़ता है।
वहीं राशन सहित निर्माण सामग्री को गांव तक पहुंचाना भी चुनौती से कम नहीं है। हैरानी इस बात की है कि यह हाल उस विधानसभा क्षेत्र का है, जिसने प्रदेश को दो-दो मुख्यमंत्री और दो कैबिनेट मंत्री दिए हैं। स्थानीय निवासी सालिग राम, सुशील झौहटा, विनोद कुमार और अनिल ने बताया कि सड़क सुविधा न होने के कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रदेश सरकार शीघ्र नडाल गांव को सड़क सुविधा से जोड़े।
अभी कुछ समय पहले ही जुब्बल लोक निर्माण विभाग का कार्यभार संभाला है। नडाल गांव को सड़क से जोड़ने की प्रक्रिया कितनी आगे बढ़ी है। मेरे पास को कोई जानकारी नहीं है। इस संबंध में उचित कदम उठाए जाएंगे।
- रतन चंद कौंडल, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग