उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा कार्यालय को सीपीडब्ल्यूडी द्वारा सील करने के बाद बाहर खड़े कर्मचारी।
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विधानसभा के समीप लैबर ब्यूरो क्लेंरमोंट भवन की धरातल मंजिल में कई दशकों से चल रहे उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा कार्यालय में सोमवार को केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने पुलिस को साथ लेकर तालाबंदी कर दी। सुबह 10:30 बजे विभाग के संपदा अधिकारी के आदेशानुसार इसमें तालाबंदी कर दी गई। कार्रवाई से कार्यालय में सेवारत 31 कर्मियों को बाहर निकलना पड़ा। वह दिन बाहर बैठे रहे। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग और प्रदेश के शिक्षा विभाग के बीच इस कार्यालय को लेकर विवाद चल रहा है। 2016 से लेकर चल रहे इस विवाद के बाद 16 अगस्त 2023 को विभाग ने अनाधिकृत कब्जा किए जाने का आरोप लगाया और इसे खाली करवाने के लिए संपदा अधिकारी ने नोटिस चस्पा कर इसे खाली करवाने के निर्देश दिए थे।
इन निर्देशों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने जिला न्यायालय में याचिका दायर की। जिसे न्यायालय ने 28 मई को खारिज कर दिया। इस पर विभाग ने कार्रवाई की और वहां पहुंचे कर्मचारियों को दस मिनट के भीतर परिसर को खाली करने का समय दिया। पुलिस की मौजूदगी में कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला लगाकर इस पर सील लगा दी गई। कार्रवाई के बाद कार्यवाहक उपनिदेशक मोहिंद्र चंद पिरटा, डिप्टी डीईओ खेम राज भंडारी प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय लालपानी पहुंचे। वहां निदेशक के चर्चा की। इधर, कर्मचारियों के बाहर निकाले जाने पर पूरा दिन कामकाज ठप रहा। कार्यालय की सभी फाइलें और दस्तावेज सीलबंद कार्यालय में रह गए।
मंगलवार से शिक्षा निदेशालय में बुलाए गए कर्मचारी
कार्यालय को सील किए जाने की कार्रवाई के बाद निदेशक प्रारंभिक शिक्षा ने कार्यालय से पूरे स्टाफ को निदेशालय में रिपोर्ट करने को कहा गया है। विभाग कार्यालय के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करेगा, मगर कार्यालय से दस्तावेज और फाइलें न्यायालय के आदेशों के बाद ही नए कार्यालय में शिफ्ट हो सकेंगी। इससे जिले भर के 1,600 से अधिक प्राथमिक और चार सौ माध्यमिक स्तर के स्कूलों में मिड डे मील सहित यहां तैनात करीब आठ हजार से नौ हजार शिक्षकों के रूटीन कार्य को निपटाया जा सकेगा।