राजधानी शिमला में कई सालों से नगर निगम को प्रापर्टी टैक्स नहीं चुकाने वाले डिफाल्टरों से वसूली के लिए अब नगर निगम उनके घरद्वार जाएगा। एक लाख रुपये से अधिक का बकाया चुकाने वालों के घर पर निगम की कर शाखा के कर्मचारी दस्तक देंगे।
इस कार्य के लिए कर शाखा को गाड़ी भी दे दी गई है। राजधानी के करीब 50 भवन मालिक नगर निगम को प्रापर्टी टैक्स नहीं चुका रहे हैं। इन लोगों के खिलाफ नगर निगम के सहायक आयुक्त कोर्ट में मामले भी दर्ज हैं।
अगर उपभोक्ताओं ने प्रापर्टी टैक्स नहीं चुकाया तो नगर निगम प्रापर्टी को जब्त कर लेगा। हाईकोर्ट के आदेशानुसार नगर निगम डिफाल्टरों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। इनकी संपत्ति कुर्क हो सकती है।