कांग्रेस ने नगर निगम चुनाव लड़ने के इच्छुक प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं करेगी। जो भी कार्यकर्ता चुनावी मैदान में कूदना चाहते हैं उन पर कांग्रेस की ओर से कोई बंदिश नहीं होगी।
पार्टी ने साफ किया है कि यह चुनाव बिना चुनाव चिन्ह के होने जा रहे हैं इसलिए जो भी कांग्रेस कार्यकर्ता जो जीत की क्षमता रखता है वह अपने दम पर चुनाव लड़ सकता है और पार्टी किसी को भी अपना अधिकृत उम्मीदवार घोषित नहीं करेगी।
नगर निगम के प्रत्येक वार्ड से कांग्रेस की ओर से लड़ने वाले संभावित प्रत्याशियों की लिस्टें काफी लंबी हैं। पार्टी की ओर से अधिकृत उम्मीदवार घोषित करवाने की सभी संभावित प्रत्याशी भरसक प्रयास कर रहे हैं। इतना ही नहीं कई कांग्रेस नेताओं ने संभावित प्रत्याशियों की सूची पहले से तैयार कर दी।
जिससे मुख्यमंत्री की स्वीकृति के लिए वीरवार को भेजा गया लेकिन चुनाव लड़ने की इच्छुकों की तादाद को देखते हुए सभी को नामांकन भरने की आजादी कांग्रेस की ओर से दे दी गई। प्रत्याशी पांच जून शाम 3 बजे तक अपने नामांकन पत्र भर सकते हैं और 8 जून तक नामांकन वापस ले सकते हैं।
अब कांग्रेस इस पर नजर रखेगी कि उनके कितने संभावित प्रत्याशी अंत तक डटे रहते हैं। इसी के बाद कांग्रेस अपनी अगली रणनीति का खुलासा करेगी।
बेशक कांग्रेस ने सभी इच्छुक कार्यकर्ताओं का चुनाव लड़ने की खुली छूट दे दी हो लेकिन अगर एक वार्ड से दो से ज्यादा कांग्रेस कार्यकर्ता मैदान में डटे रहे तो कांग्रेस नेता कैसे अपने इन प्रत्याशियों के पक्ष में वोट मांगेंगे।
इसका कितना फायदा और नुकसान कांग्रेस को होगा यह तो चुनावी नतीजे ही बताऐंगे लेकिन पार्टी के इस फैसले से खुद की पक्की टिकट मानकर चल रहे कई प्रत्याशियों के दिल टूट गए अब वह कहते फिर रहे हैं कि अब विपक्ष से लड़े या फिर अपने ही पार्टी के कार्यकर्ता के खिलाफ चुनाव लड़े।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में हुई बैठक में कसुम्पटी के विधायक अनिरूद्ध सिंह, पूर्व विधायक हरभजन सिंह भज्जी, आदर्श सूद, हरीश जनारथा , शिमला शहरी कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप भुजा, ग्रामीण अध्यक्ष रितेश कपरेट इत्यादि उपस्थित रहे।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नरेश चौहान ने कहा कि कार्यालय में हुई बैठक में नगर निगम चुनाव के बारे मे चर्चा हुई। जिसकी अध्यक्षता प्रदेशाध्यक्ष ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने की। बैठक में फैसला लिया गया कि नगर निगम चुनाव बिना चुनाव चिन्ह के होने जा रहे हैं।
चुनाव में कोई भी पूर्व पार्षद और कांग्रेस कार्यकर्ता जो भी जीत की क्षमता रखता है वह अपने दम पर चुनाव लड़ सकता है। पार्टी किसी को भी अपना अधिकृत उम्मीदवार घोषित नहीं करेगी।