राजधानी के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में आयोजित अंतर महाविद्यालय निबंध लेखन प्रतियोगिता में एचपीयू के हिन्दी विभाग की अंजलि ने पहला, संजौली कॉलेज के कुनाल भारद्वाज ने दूसरा और संस्कृत कॉलेज फागली की निकिता ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं, मंडी कॉलेज की ज्याेति ठाकुर को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। भाषण स्पर्धा में राजकीय महाविद्यालय मंडी की धृति ठाकुर ने पहला, यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडी एवालॉज शिमला के सौम्य शुक्ला ने दूसरा, राजकीय महाविद्यालय कुल्लू की तमन्ना सूद ने तीसरा प्राप्त किया। संजौली कॉलेज के स्वप्निल सूर्यान को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। हिंदी कविता लेखन में एचपीयू के कमल चंद ने पहला, कुल्लू कॉलेज की प्रभा शर्मा ने दूसरा, संजौली के आयुष वर्मा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। एचपीयू की वंदना ने सांत्वना पुरस्कार पाया। इसके अलावा राजभाषा पखवाड़ा के अन्तर्गत राज्य स्तर पर सचिवालय, निदेशालय, निगम, बोर्ड, आयोग और विश्वविद्यालयों में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों के अतिरिक्त हिन्दी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभागों को भी सम्मानित किया।
इसमें सचिवालय के विधि विभाग ने पहला, सामान्य प्रशासन विभाग ने दूसरा, बहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभाग ने तीसरा, निदेशालय में मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग ने पहला, भुव्यवस्था विभाग ने दूसरा, पंचायती राज विभाग ने तीसरा स्थान पाया। निगम, बोर्ड, आयोग और विश्वविद्यालयों में राज्य नागरिक आपुर्ति निगम समिति ने पहला, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड ने दूसरा, राज्य पिछड़ा वर्ग ने तीसरा स्थान पाया। इसके अलावा विभागों के अधिकारी वर्ग को सम्मानित किया गया। जिसमें सत्यदेव शर्मा, राजेंद्र कुमार प्रेमी, दलीप सिंह ठाकुर, करूणा देवी, अनिल कुमार, किशोरी लाल, इंद्र कुमार, केहर सिंह, कृष्ण लाल नेगी, खेम चंद ठाकुर, उमा भंकर, रंजन शर्मा, शशि कांत, उमा ठाकुर, नेक चंद, किरण बाला शर्मा, कमल सिंह दलाईक, पन्ना लाल शर्मा, सुभाष चंद्र ठाकुर, करण दीप, अशोक कुमार को सम्मानित किया। जिला कार्यलय शिमला के केवल राम चौहान, राजेंद्र कश्यप और अनिल घामटा को भी उत्कृष्ठ कार्य करने के लिए सम्मानित किया।