बताया जा रहा है कि नगर निगम शिमला ने न्यायालय के निर्देशों के बाद कुछ समय पहले लक्कड़ बाजार से तहबाजारियों को हटाया था। इसके बाद सोमवार को सीटू के बैनर तले बड़ी संख्या में तहबाजारी फिर से बाजार में पहुंच गए। उन्होंने सड़क के किनारे सामान लगाकर कारोबार शुरू कर दिया। इसकी सूचना मिलने के बाद स्थानीय दुकानदारों में नाराजगी बढ़ गई। मौके पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी भी हुई। स्थिति बिगड़ने से पहले पुलिस कर्मियों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत करवाया। इसके बाद स्थानीय कारोबारियों ने सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन करने का फैसला लिया।
व्यापारियों का कहना है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद यदि तहबाजारी दोबारा उसी स्थान पर दुकानें लगाते हैं तो इससे प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने मांग की है कि न्यायालय के निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए और लक्कड़ बाजार को अस्थायी अतिक्रमण से मुक्त रखा जाए।
कारोबारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने जरूरत पड़ने पर चक्का जाम करने की चेतावनी भी दी है। व्यापारियों ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर वे प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध और तेज करेंगे। फिलहाल लक्कड़ बाजार में व्यापारियों की हड़ताल और अनशन के चलते माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है।