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मेरे दादा लाल बहादुर शास्त्री का पोस्टमार्टम तक नहीं कराया : महिमा

Mon, 24 Jun 2019 12:20 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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- फोटो : अमर उजाला
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इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल में पहुंचीं देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की पोती महिमा शास्त्री तत्कालीन सरकार पर सवाल हुए हैं। उन्होंने कहा कि दादा की मौत के बाद जब उनके शव को दिल्ली लाया गया तो उनका पोस्टमार्टम तक नहीं कराया गया।

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तत्कालीन सरकार ने इसे जरूरी नहीं समझा। जब देश के पूर्व प्रधानमंत्री के साथ इस तरह का अन्याय हो तो आम जनता की सुध कौन ले। भारत के पॉवर फुल मैन के साथ ऐसा हुआ तो आम आदमी के साथ क्या होगा सोच सकते हैं। 

रविवार को इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल में जाने-माने साहित्यकारों, लेखकों और राजनीतिज्ञों ने ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की। फेस्टिवल का थीम ‘द वर्ल्ड ऑफ  ड्रीम्स एंड इमेजिनेशन’ है। फिल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि भारत देश किसी नेता का नहीं है, बल्कि आम जनता का है।
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रोहित चाहल ने कहा कि भाषा को सभ्य बनने के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों को आगे आना चाहिए। तेजिंद्र बग्गा ने कहा कि कई राजनीतिक पार्टियों के नेताओं की भाषा पर लगाम नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक नेता पर 10 दिन के भीतर कार्रवाई करने की बात कहीं थी। मगर आज एक महीना हो गया है, उपरोक्त नेता पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पीएम एक्शन लेते तो कोई नेता बद्जुबानी करने के बारे में दोबारा कभी नहीं सोचता। 

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राजधानी में जुटे साहित्यकार, लेखक राजनीतिज्ञ और कई बॉलीवुड स्टार

भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग और विभोर संस्था की ओर से ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में रविवार को अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक फेस्टिवल का आगाज हुआ। इसमें देश के नामी साहित्यकार, लेखक, राजनीतिज्ञ और बॉलीवुड हस्तियां शिरकत कर रही हैं। फेस्टिवल की थीम ‘द वर्ल्ड ऑफ  ड्रीम्स एंड इमेजिनेशन’ पर आधारित रही।

फेस्टिवल के पहले दिन बॉलीवुड के निर्माता और निर्देशक आनंद एल राय, फिल्म स्क्रिप्ट राइटर पंकज दुबे, एक्ट्रेस पल्लवी जोशी, एंकर अनुराग पुनेथा, यशवंत राणा, गौतम चितामंणी, आसिम छाबरा, विवेक अग्निहोत्री, कवियत्री चित्रा जोशी, तहसीन पूनावाला, राशिद किदवाई, तेजिंद्र बग्गा, प्रजव्ल बुस्टा, अनिर्बान भट्टाचार्य, महिमा शास्त्री, सूची सिंह कालरा, सिद्धार्थ जैन, डेविड देवदास, आरजे स्तुति, रोहित चाहल, यतिंद्रा मिश्रा, संजय कुमार, राजा भसीन और असिम शबरा ने फिल्म जगत के अलावा विभिन विषयों पर चर्चा की।

पहाड़ी नाटी से हुआ फेस्टिवल का आगाज
फेस्टिवल का आगाज पहाड़ी नाटी से किया गया। फेस्टिवल के दौरान हिमाचल की पहाड़ी संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसमें कोटखाई से आए कलाकारों और बंजतरियों ने ठोडा नृत्य पर प्रस्तुतियां दी। भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग की सचिव पूर्णिमा चौहान ने बताया कि इसका मकसद लोगों को हिमाचल की समृद्ध संस्कृति से रूबरू करवाना है।
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