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शिमला: सरकारी आवास खाली नहीं करने पर पूर्व एसपी को लगा 1.80 लाख का पेनल रेंट

Sat, 20 Jun 2026 04:07 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला।

सार

 पुलिस विभाग ने पुलिस अधीक्षक के लिए आरक्षित सरकारी आवास खाली न करने पर एक पूर्व एसपी पर 1,80,286.09 रुपये का पेनल रेंट लगाया है। 
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हिमाचल पुलिस महानिदेशालय। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग ने पुलिस अधीक्षक के लिए आरक्षित सरकारी आवास खाली न करने पर एक पूर्व एसपी पर 1,80,286.09 रुपये का पेनल रेंट लगाया है। पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने इस संबंध में कार्रवाई करते हुए बेदखली की चेतावनी दी है। यही नहीं, डीजीपी की ओर से जारी पत्र में यह भी चेतावनी दी गई है कि 31 मई 2026 तक की देनदारी जमा नहीं की गई तो उनके वेतन से वसूली होगी। जारी पत्र के अनुसार पूर्व एसपी ने फरवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक का कार्यभार छोड़ दिया था। हिमाचल प्रदेश में सरकारी आवासों का आवंटन (सामान्य पूल) नियम, 1994 लागू होता है। इन नियमों के अनुसार, पद छोड़ने के बाद एक माह में आवास खाली करना अनिवार्य है। नियमों के अनुसार मार्च 2026 तक पूर्व एसपी को आवास अपने पास रखने की अनुमति थी। इसके बाद आवास पर कब्जा अनधिकृत माना गया। विभाग ने पूर्व एसपी को मई 2026 को भी आवास खाली करने का नोटिस दिया था। इसके बावजूद आवास खाली नहीं किया गया।

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क्षति शुल्क का विवरण

31 मई 2026 तक कुल क्षति शुल्क 1,80,286.09 रुपये आंका गया है। नोटिस में यह राशि तत्काल जमा करने का निर्देश है। यदि राशि जमा नहीं होती है, तो इसे अधिकारी के वेतन से वसूल किया जाएगा। जून 2026 से आवास खाली होने तक मासिक आधार पर क्षति शुल्क लगता रहेगा। विभाग ने पूर्व एसपी को आवास तत्काल खाली कर वर्तमान पुलिस अधीक्षक को सौंपने के लिए कहा है।


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आगे की कार्रवाई की चेतावनी

पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि यदि शुल्क की राशि जमा नहीं की जाती है तो इसे उनके वेतन से वसूल किया जाएगा। 1 जून 2026 से आवास खाली होने तक मासिक आधार पर  शुल्क जारी रहेगा। विभाग ने उन्हें तुरंत आवास खाली करने और शिमला के पुलिस अधीक्षक को सौंपने का भी अनुरोध किया है। नोटिस का पालन न करने पर हिमाचल प्रदेश सार्वजनिक परिसर और भूमि (बेदखली और किराया वसूली) अधिनियम, 1971 के तहत बेदखली की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस संबंध में डीजीपी अशोक तिवारी की ओर से नोटिस जारी किया गया है।
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