करीब तीन सौ मकानों हो पैदा होगा खतरा: संजय चौहान
फोरलेन की टनल का जहां से निर्माण किया जा रहा है, उस क्षेत्र में आने वाले ढाई से तीन सौ मकानों को खतरा है। एनएचएआई और निर्माण कंपनी को इस क्षेत्र के स्थानीय लोगों को विश्वास में लेना चाहिए, जिससे लोगों की संपत्ति का नुकसान न हो। पूरे वैज्ञानिक तरीके से और सभी सुरक्षा के उपाय कर ही निर्माण कार्य आगे बढ़े। मौके का निरीक्षण करने के बाद टनल निर्माण ही कारण प्रतीत हो रहा है। इसकी तकनीकी विशेषज्ञों से जांच करवाकर असल कारणों का पता लगाया जाए। लोगों की जान और संपत्ति की कीमत पर किसी तरह का विकास मंजूर नहीं होगा। यदि जांच में भविष्य में और नुकसान की संभावना हो, तो टनल के एलाइनमेंट (संरेखण) को बदला जाए।- संजय चौहान, पूर्व महापौर, नगर निगम शिमला
भूवैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से करवाई जाए जांच, जान-माल की हो सुरक्षा सुनिश्चित: विनीत शर्मा
शांति बिहार क्षेत्र के आठ घरों में दरारें आई हैं, उसका कारण भूमिगत टनल निर्माण ही है। टनल निर्माण में एनएचएआई और निर्माण कंपनी ने स्थानीय लोगों सहित जनता के नुमाइंदे होने के नाते मुझे तक विश्वास में नहीं लिया गया। अब जब भवन मालिक ने एनएचएआई को शिकायत दी, तब वीडियोग्राफी, कंपन का पता लगाने और दरारों के और अधिक बढ़ने का आकलन करने के लिए उपकरण लगाने को लेकर कंपनी जागी है। इसलिए सिर्फ दरारों वाले भवनों का निरीक्षण करना पर्याप्त नहीं है। जहां से टनल बन रही है, पूरे क्षेत्र का वैज्ञानिक सर्वे और भूवैज्ञानिकों से निरीक्षण करवाया जाए। यदि निर्माण से नुकसान हुआ है, तो भवन मालिकों को मुआवजा मिले, उनके भवन सुरक्षित किए जाए । हर भवन की स्टेबिलिटी पर भी रिपोर्ट तैयार कर स्थिति स्पष्ट की जाए कि भवनों को अब कोई नुकसान नहीं होगा और भवन सुरक्षित हैं। ऐसा विनाशकारी विकास हमें नहीं चाहिए ।- विनीत शर्मा, पार्षद, शांति बिहार
भवनों को हो रहे नुकसान की असल वजह का पता लगाया जाए: राजेंद्र जस्टा
शांति बिहार के जिन मकानों में दरारें आई हैं, उसकी असल वजह जानने के लिए जांच की जाए। उसकी रिपोर्ट आने के बाद ही काम आगे बढ़े। हमारी उम्रभर की पूंजी मकानों में लगी है, जिस पर खतरा मंडरा रहा है। इसलिए प्रशासन हमारी और संपत्ति की सुरक्षा को सुनिश्चित करे। -राजेंद्र जस्टा
रातों की नींद हो गई है हराम, घरों में महसूस होता है कंपन: पूनम
रात को घरों में रहने वाले लोगों को निर्माण कार्य शुरू होने पर कंपन साफ महसूस होता है, कुछ अजीब सी आवाजें भी आती हैं। जब से आठ मकानों में दरारें आई हैं, तब से हर कोई डरा हुआ है कि न जाने कब क्या हो जाए। विनाश को दावत देने वाला विकास हमें मंजूर नहीं है। सरकार, प्रशासन और एनएचएआई हमारी और हमारे घरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही निर्माण जारी रखने या न रखने पर निर्णय लें।- पूनम, निवासी, शांति बिहार सिमेट्री
जहां से टनल का एलाइनमेंट, वहीं हुआ है घरों का नुकसान: राजेंद्र चौहान
जहां से भूमिगत टनल निर्माण का एलाइनमेंट है, वहीं पर घरों को नुकसान हुआ है। काम आगे बढ़ा, तो नुकसान और भी हो सकता है। इससे सैकड़ों भवन मालिकों और इनमें रहने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है। क्षेत्र के आठ मकानों में आईं दरारों से साफ है कि न केवल ये आठ घर बल्कि पूरा क्षेत्र इस टनल निर्माण से खतरे में आ सकता है। प्रशासन टनल निर्माण के लिए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करे और लोगों की संपत्ति को बचाने के लिए एहतियाती कदम उठाए।-राजेंद्र चौहान
शिकायत करने पर जागे हैं एनएचएआई और निर्माण कंपनी: अंशुल चौहान
शांति बिहार के नीचे से जा रही दो समानांतर टनल में नीचे की ओर जाने वाली एक टनल के ऊपर के एलाइनमेंट में आ रहे दस में से आठ भवनों में दरारें आई हैं। प्रशासन और एनएचएआई को शिकायत दिए जाने के बाद ही निर्माण कंपनी और एनएचएआई हरकत में आए हैं। इससे पूर्व भवनों और लोगों की सुरक्षा के लिए कोई एहतियाती कदम नहीं उठाए गए। निर्माण कंपनी ने तकनीकी तौर पर टनल निर्माण से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए। अब दरारों वाले घरों की वीडियोग्राफी, उपकरण लगाकर मॉनिटरिंग शुरू हुई है। यह कार्य बंद होना चाहिए, इसकी जांच कर नुकसान के कारणों का पता लगाया जाए। भवनों को कोई खतरा न हो, तभी काम हो। - अंशुल चौहान
करोड़ों की संपत्ति पर मंडरा रहा खतरा: सुरजीत सिंह
हमारे चार मंजिला मकान में सीढ़ियों और दीवारों में दरारें आ गई हैं, जिससे हमारी करोड़ों की संपत्ति को खतरा पैदा हो गया है। हम चार परिवार इस भवन में रहते हैं। यदि दरारें और अधिक बढ़ीं, तो हमारे पास इस भवन को खाली करने के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा। हमें ऐसा विकास नहीं चाहिए जो हमें जमीन पर लाकर रख दे, तुरंत टनल का काम बंद होना चाहिए।- सुरजीत सिंह