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हिमाचल: बाढ़ में बहा शांघड़ का रास्ता, पांच गांव प्यासे; जानें प्रदेश में एक सप्ताह तक कैसा रहेगा माैसम

Sat, 19 Sep 2026 12:28 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला।

सार

सैंज घाटी की सुचैहण पंचायत के नूहाड़ा नाला में पिछले दिनों हुई भारी बारिश के बाद आई बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। बाढ़ की चपेट में आने से शांघड़ को जोड़ने वाला लकड़ी का पैदल पुल और नाले पर जगह-जगह बनाई गई छह पुलिया बह गईं हैं। 
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नूहाड़ा नाला में बाढ़ से रास्ता, पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश की सैंज घाटी की सुचैहण पंचायत के नूहाड़ा नाला में पिछले दिनों हुई भारी बारिश के बाद आई बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। बाढ़ की चपेट में आने से शांघड़ को जोड़ने वाला लकड़ी का पैदल पुल और नाले पर जगह-जगह बनाई गई छह पुलिया बह गईं हैं। इसके अलावा कई पैदल रास्तों को भी नुकसान पहुंचा है। घटना करीब पांच से छह दिन पहले की बताई जा रही है। सूचना मिलने के बाद पंचायत प्रधान धर्मपाल ने 17 सितंबर को मौके का निरीक्षण किया। नूहाड़ा नाला में जलप्रपात भी है। बाढ़ के दौरान नाले में भारी मात्रा में मलबा और पेड़ बहकर आए, जिससे पुल और पुलियां क्षतिग्रस्त हो गईं। इनके बहने से सुचैहण, शांघड़ सहित आसपास के गांवों के लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। बाढ़ से बिजल, अपर नयी, शुकारी, बुठ और कथेउगी गांवों को पेयजल उपलब्ध करवाने वाली योजना भी क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे इन गांवों में पेयजल आपूर्ति ठप है। ग्रामीणों को अब प्राकृतिक जलस्रोतों और नालों से पानी ढोकर गुजारा करना पड़ रहा है।

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 रास्तों और पेयजल योजना को जल्द दुरुस्त करवाने की मांग
पंचायत प्रधान धर्मपाल ने बताया कि 17 सितंबर को मौके का निरीक्षण किया तो देखा कि बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है। इसकी सूचना जिला प्रशासन को दे दी गई है। उन्होंने बताया कि बहा लकड़ी का पैदल पुल करीब चार से पांच फुट चौड़ा था और अंग्रेजों के समय के रास्ते को शांघड़ से जोड़ता था। बाढ़ में बड़ी मात्रा में लकड़ियां और मलबा भी बहकर आया है। उन्होंने प्रशासन और सरकार से पैदल पुल, पुलिया, रास्तों और पेयजल योजना को जल्द दुरुस्त करवाने की मांग की है। कार्यवाहक उपायुक्त कुल्लू सुरजीत सिंह राठौर ने कहा कि एसडीएम बंजार और राजस्व विभाग से नुकसान की रिपोर्ट मांगी गई है। प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद की जाएगी।

25 सितंबर तक ऐसा रहेगा माैसम
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश के कुछ भागों में 19 से 21 सितंबर तक हल्की बारिश होने का पूर्वानुमान है। 22 से 25 सितंबर तक पूरे प्रदेश में माैसम साफ रहने के आसार हैं। अगले सप्ताह तक प्रदेश से मानसून के पूरी तरह लौटने के आसार हैं।  शनिवार को दिनभर माैसम साफ रहा। हालांकि, शाम के समय हल्के बादल छा गए। शनिवार शाम तक प्रदेश में भूस्खलन से 55 सड़कें बाधित रही।

मानसून सीजन में सामान्य से दस फीसदी कम बारिश
प्रदेश में इस वर्ष मानसून सीजन के दौरान सामान्य से दस फीसदी कम बारिश दर्ज हुई है। 20 जून से 19 सितंबर तक प्रदेश में 631 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि इस अवधि में 701.7 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना जाता है। इससे पहले वर्ष 2024 में सामान्य से 18 फीसदी कम और वर्ष 2025 में सामान्य से 42 फीसदी अधिक बारिश हुई थी। वर्ष 2025 में अधिक बारिश के चलते प्रदेश में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ था। इस वर्ष किन्नौर, कुल्लू, शिमला, बिलासपुर और सिरमौर में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है। अन्य जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई।
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मानसून सीजन में अब तक 329 लोगों की गई जान
इस मानसून सीजन में 30 जून से 19 सितंबर तक प्रदेश में आपदा की वजह से 329 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 567 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 196 की सड़क हादसों में माैत हुई। इसके अतिरिक्त इस अवधि के दाैरान 41 पक्के और 98 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं 521 कच्चे-पक्के मकानों को आंशिक क्षति पहुंची है। इसके अलावा 17 दुकानों व 492 गोशालाओं को भी नुकसान पहुंचा है। प्रदेश में इस मानसून में नुकसान का आंकड़ा 3,21,795.14  लाख रुपये पहुंच गया है।
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