रेरा के अध्यक्ष आरडी धीमान और सदस्य विदुर मेहता की संयुक्त पीठ ने मामले की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान पीठ ने मामले से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की। इसमें पोर्टल पर दर्ज ऑनलाइन शिकायत और प्राधिकरण के समक्ष पेश की गई हार्ड कॉपी के विवरण में कई विसंगतियां सामने आईं। दोनों प्रतियों के तथ्यों और प्रारूप में अंतर पाया गया। इसके अलावा शिकायतकर्ता की ओर से एक अतिरिक्त शपथपत्र भी दाखिल किया गया था।
इसके साथ कुछ अन्य दस्तावेज भी रिकॉर्ड पर पेश किए गए थे। रिकॉर्ड में सामने आई इन तकनीकी कमियों और दस्तावेजों के बीच अंतर के बाद शिकायतकर्ता के अधिवक्ता ने मौजूदा शिकायत वापस लेने का अनुरोध किया। उन्होंने पीठ से आग्रह किया कि शिकायतकर्ता को कमियां दूर कर सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ नए सिरे से शिकायत दायर करने की स्वतंत्रता दी जाए। पीठ ने दोनों पक्षों की मौजूदगी में इस अनुरोध पर विचार किया और शिकायत वापस लेने की अनुमति प्रदान कर दी।