बस हादसे के दौरान धमाके की आवाज सुनकर स्थानीय लोग सहम गए। एकाएक मोबाइल पर सूचना दी गई कि हीरानगर के पास सड़क से एक एचआरटीसी की बस खाई में जा गिरी है। सूचना मिलते ही क्यार, टुटू, ढांडा राही, गिरब, बायचड़ी और जबलोग गांव के अशोक, जोंगेंद्र, सुभाष, राजू, कमलेश, रितेश शर्मा, दीगु शर्मा, अनुराधा शर्मा, प्यारे लाल कंवर और नरेश मौके पर मदद के लिए पहुंचे। इसके अलावा भी बड़ी संख्या में लोग मदद के लिए मौके पर पहुंच गए थे। इसके बाद घायलों को सड़क पर पहुंचाया गया। इस दौरान बेल्डर का काम करने वाले पवन की मदद को लोगों ने खूब सराहा।
आईजीएमसी के बाहर बजते रहे एंबुलेंस के सायरन
हादसे के बाद एंबुलेंस गाड़ियां सायरन बजाते हुए आईजीएमसी पहुंचीं। अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा कर्मियों की मुस्तैदी के कारण इमरजेंसी वार्ड खाली करवाया गया। अस्पताल के भीतर सीएमओ, ऑर्थो, सर्जरी और मेडिसिन विभाग के चिकित्सकों के अलावा स्टाफ नर्सों ने यहां दाखिल मरीजों को शिफ्ट करवाकर बिस्तरों को खाली करवाया। इसके बाद घायलों का उपचार किया। अस्पताल में देर शाम तक मरीजों का उपचार चलता रहा।