राजधानी शिमला में तैनात रहे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीर ठाकुर के खिलाफ महिला पुलिस कर्मी की शिकायत पर दर्ज किए गए मामले की जांच अंतिम दौर में पहुंच गई है। शिमला के महिला थाने से ट्रांसफर हुए मामले की जांच कर रही सीआईडी की एसआईटी ने पीड़िता के अलावा उन सभी गवाहों के बयान दर्ज कर लिए हैं, जिनका मामले से संबंध था। आरोपी, पीड़िता और गवाहों के बयान के बाद अब जांच टीम ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार कॉल रिकॉर्ड, एसएमएस, फेसबुक के मैसेज और अन्य तरह के कई दस्तावेजी सबूतों के अलावा गवाहों के बयान भी केस में अहम भूमिका अदा करेंगे। फिलहाल सीआईडी बयान दर्ज करने के बाद चार्जशीट को अंतिम रूप देने में जुटी है। माना जा रहा है कि विधि अधिकारियों से हरी झंडी मिलते ही चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी जाएगी। जाहिर है जांच में आरोप सही पाए गए तो आरोपी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की मुश्किलें बढ़ना तय है।
उल्लेखनीय है कि राजधानी शिमला में तैनात एक महिला हेड कांस्टेबल ने बीते 13 मई को महिला थाने में जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के खिलाफ शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का मामला दर्ज करवाया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ही विभागीय यौन उत्पीड़न रोकथाम कमेटी के चेयरमैन भी थे, जिन पर महिला पुलिस कर्मियों के साथ कार्य स्थल पर किसी भी तरह के उत्पीड़न की शिकायत की जांच करने का जिम्मा था।
आरोप है कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने कार्यालय में भी पीड़ित हेड कांस्टेबल के साथ छेड़खानी की थी। गंभीर आरोप के चलते आरोपी पुलिस अफसर को शिमला पुलिस के अहम पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय में अटैच कर दिया गया। इसके बाद पुलिस के साथ-साथ राज्य स्तरीय कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम कमेटी को भी विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए।