ओलंपियाड के विजेता बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ शिमला में अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान समारोह-2026 में बतौर मुख्यातिथि संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों में ज्यादातर बेटियां सम्मानित हुई हैं। जब वह पहली बार विधायक बनें तो अपने निर्वाचन क्षेत्र में किसी बेटी से पूछते थे कि कितना पढ़ी हो तो वह मुंह घुमा लेती थी। 25-30 साल पीछे जाएं तो महिलाएं अंगूठा लगाती थीं। अधिकारी पेंशन देने जाते थे या बैंक के लोग नीला जैसा पैड लेकर जाते थे। अंगूठा लगाने वाले राज्य में 90 प्रतिशत से लेकर 100 फीसदी भी नंबर लिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि तकनीक के विकास के समय में किस बच्चे की क्या रुचि है, यह मोबाइल फोन से ही मालूम हो जाता है। जिसके पास मोबाइल है, वह एक-एक बच्चा सर्विलांस पर है। अभिभावक बच्चों को समय दें। उनकी बेटी को जब इनाम मिलना था तो वह उस कार्यक्रम में नहीं जा सके।
अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान समारोह।
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समारोह में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। कहा कि बिना प्रैक्टिकल के ज्ञान का कोई मतलब नहीं है। इसलिए नंबरों पर ही फोकस न करें, जो आप पढ़ रहे हैं, उसके प्रैक्टिकल पर भी फोकस करें। कहा कि आजकल के बच्चों को बताने की जरूरत नहीं, क्योंकि इनके पास बेस्ट ट्यूटर गूगल व एआई है।
अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान समारोह।
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शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल ने बेहतर प्रदर्शन किया है। कहा कि शिक्षा से किसी तरह का समझाैता नहीं करते हुए इस बार इस पर 18 फीसदी बजट इस क्षेत्र के लिए रखा है। शिक्षा में अब सरकारी स्कूल के बच्चे आगे बढ़ रहे हैं