चंबा-कांगड़ा के सांसद शांता कुमार ने कहा है कि विकास की बात करने वाली कांग्रेस ने पांच साल में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। कानून व्यवस्था की सरकार ने खुद धज्जियां उड़ाई हैं। कोटखाई मामला इसका बड़ा उदाहरण है। सरकार के विधायक और मुख्यमंत्री खुद जमानत के लिए कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं।
शनिवार को तुन्नुहट्टी में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शांता कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार निर्धन परिवारों के उत्थान के लिए कार्य कर रही है, लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने हिमाचल के अमीरों को अमीर और गरीबों को ओर गरीब करने का कार्य किया है।
द्रम्मण से किलाड़ के लिए केंद्र सरकार ने एनएच दिया। केंद्र ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार को किसी प्रकार की धन की कमी आड़े नहीं आने दी। लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार इसका प्रयोग नहीं कर पाई।
जब केंद्र में कांग्रेस सरकार थी तो हर तीन माह बाद नए-नए घोटाले सामने आ रहे थे। केंद्र में भाजपा की सरकार बने तीन साल का समय बीत चुका है और हर वर्ग का विकास हो रहा है।
उन्होंने कहा कि 1972 में मुख्यमंत्री बनकर बिलासपुर में सीमेंट प्लांट शुरू किया था। आज बिलासपुर के पढ़े लिखे बेरोजगारों को रोजगार मिल रहा है।
चंबा की जनता का ऋण नहीं चुका पाया: शांता
जनसभा के दौरान भावुक हुए शांता कुमार ने कहा कि वे चंबा की जनता का ऋण नहीं चुका सके। जिसका उन्हें बेहद दुख है। केंद्र से सिकरीधार सीमेंट कारखाने के लिए मंजूरी मिली हुई थी, लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने विधिवत इसका शुभारंभ नहीं किया। यह सीमेंट कारखाना चंबा की गरीबी और बेरोजगारों को रोजगार प्रदान करवाने के लिए था। इस राह में कांग्रेस ने हर वक्त राजनीति की।