उन्होंने कहा कि प्रदेश में सैकड़ों होटल सील किए जा रहे हैं या गिराए जा रहे हैं। अपने ही हाथों अपने होटल को गिराते हुए या गिराए जाते देखते हुए परिवार के लोगों के दिल में क्या बीत रहा होगा।
यह वे ही बता सकते हैं। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण अधिकारियों के भ्रष्टाचार के कारण हुआ। इसमें होटल बनाने वाले को तो सजा मिल रही है, लेकिन अपराध करने वाले अधिकारियों को कोई नहीं पूछ रहा है।
पिछले दस सालों में जिन अधिकारियों के नीचे अवैध निर्माण और कब्जे हुए उनकी संपत्ति जब्त की जाए। उसका एक हिस्सा इन लोगों को दें जिनके अवैध निर्माण तोड़े जा रहे हैं। अपराध दोनों ने किया है, लिहाजा सजा भी दोनों को मिलनी चाहिए।