ठाकुर ने कहा कि पौंग बांध न केवल पक्षी प्रेमियों के लिए प्रमुख आकर्षण के रूप में उभरा है बल्कि इसे जल क्रीड़ा प्रेमियों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में विकसित किया जा सकता है।
इसके अलावा पंडोह बांध व चमेरा जलाशय, सुंदर नगर झील, लारजी और भाखड़ा बांध में नौकायन और शिकारा व अन्य पानी के खेल आरंभ करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। पर्यटन गतिविधियां से स्थानीय लोगों को रोजगार व स्वरोजगार सुनिश्चित होगा।
कहा कि कोल बांध में भी जल क्रीड़ाओं की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपयुक्त अधिकारियों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेकर जल क्रीड़ा गतिविधियों को जल्द शुरू किया जाए। बैठक में ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा, मुख्य सचिव विनीत चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्रीकांत बाल्दी,
अतिरिक्त मुख्य सचिव वन तरूण कपूर, अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन राम सुभग सिंह, सचिव भाषा कला एवं संस्कृति पूर्णिमा चौहान, निदेशक पर्यटन सुदेश मोक्टा और वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।