कांगड़ा-चंबा लोकसभा क्षेत्र से सांसद शांता कुमार ने कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के वीसी की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे अकेडमिक फ्रॉड करार दिया है।
धर्मशाला में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्होंने राज्यपाल हिमाचल को भी पत्र लिखा है। पत्र में लिखा है कि तथ्यों की पुष्टि किए बिना ही कृषि विवि पालमपुर के वीसी को नियुक्ति दी गई है।
ऐसे में वीसी को तुरंत छुट्टी पर भेजा जाए। अगर आरोप सिद्ध हो जाते हैं तो राज्यपाल वीसी को तुरंत पद से हटाएं। इस संबंध में सीएम को भी पत्र लिखा है।
सीएम से पूछा आपके होते हुए कैसे हुआ अकेडमिक फ्रॉड
उन्होंने सीएम से पूछा है कि आपके होते हुए यह अकेडमिक फ्रॉड कैसे हो गया। क्योंकि, राज्य सरकार और सीएम का वीसी की नियुक्ति में बड़ा हाथ होता है।
शिमला में भाजपा कार्यालय में मारपीट प्रकरण पर शांता ने आरोप लगाया कि सीएम वीरभद्र सिंह ने इस मामले में मुख्यमंत्री के तौर पर नहीं बल्कि कांग्रेस प्रधान के रूप में आचरण किया।
मुख्यमंत्री ने बिना जांच कराए ही निर्णय दे दिया, जोकि दुर्भाग्यपूर्ण है। सीएम इस मामले में एक पक्षीय आचरण कर रहे हैं। इसलिए इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए।
50 करोड़ गरीबों को मिलेगा सीधा लाभ
भारतीय खाद्य निगम के नवीनीकरण के लिए गठित उच्च स्तरीय कमेटी के अध्यक्ष एवं सांसद शांता कुमार ने कहा कि एफसीआई के नवीनीकरण को लेकर प्रधानमंत्री को सौंपी गई रिपोर्ट किसान और गरीबों पर केंद्रित है।
इस रिपोर्ट में 50 करोड़ गरीब लोगों को डेढ़ लाख करोड़ रुपये की डायरेक्ट इनकम स्पोर्ट देने की बात कही गई है। सरकार खाद पर दी जाने वाली सब्सिडी को अब किसानों के खाते में सीधे ट्रांसफर करने पर विचार कर ही है।
डायरेक्ट इनकम स्पोर्ट के जरिये किसानों को सात हजार रुपये प्रति हेक्टेयर के आधार पर इनपुट सब्सिडी दिए जाने का विचार है।
भारत में धार्मिक कट्टरवादिता पर ओबामा के बयान पर शांता कुमार ने कहा कि इसका हमें स्वागत करना चाहिए। भारत एक विविध देश है। हमें विविधता में एकता पर ध्यान देना चाहिए।