पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा कि तीन साल में देश में 13 लाख लड़कियों और महिलाओं का गुम होना और भी शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि इन सब घटनाओं पर विश्व के इस बड़े लोकतंत्र की संसद में विचार तक भी न किया जाना सबसे अधिक शर्मनाक हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में मणिपुर और राजस्थान जैसी घटनाएं अत्यंत शर्मनाक हैं। तीन साल में देश में 13 लाख लड़कियों और महिलाओं का गुम होना और भी शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि इन सब घटनाओं पर विश्व के इस बड़े लोकतंत्र की संसद में विचार तक भी न किया जाना सबसे अधिक शर्मनाक हैं।
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पूरा देश आंसू बहा रहा है, नेता लड़ रहे हैं। वोट की रोटियां सेंक रहे हैं। भारत का लोकतंत्र यहां तक गिर जाएगा कभी सोचा न था। उन्होंने कहा इस अति गंभीर विषय पर संसद पार्टी की दीवारों से ऊपर उठ कर गंभीरता से लंबी चर्चा करे। कानून बदले और दुष्कर्म जैसे अपराधों पर विशेष अदालतें तीन महीने में निर्णय करें। दुष्कर्म पर फांसी और केवल फांसी की सजा हो। इस प्रकार की अत्यंत कठोर सजा ही देश के माथे से इस कलंक को मिटा सकती है।