मंदिरों में साईं की मूर्ति लगाना हमारे देवताओं का अपमान : शंकराचार्य
हनुमान मंदिर जाखू में गो ध्वज स्थापना के बाद शंकराचार्य ने हनुमान की 108 फीट ऊंची मूर्ति के पास पेड़ की छांव में बैठकर भक्तों को प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि मंदिरों में देवताओं के साथ साईं की मूर्ति लगाना हमारे देवताओं का अपमान है। ऐसा करने वालों की दुर्गति है। सनातन धर्म में अपनों से बड़ों के सामने पांव पर पांव रखकर बैठना निषेध है। साईं पांव पर पांव चढ़ाकर हमारे मंदिर में देवताओं के अगल- बगल में बराबर बैठ रहा है। इसे हम स्वीकार नहीं करते। कुछ लोग पैसे के लिए साईं की मूर्ति लगवा रहे हैं।
गो रक्षा को लेकर पीएम का रवैया ठीक नहीं
शंकराचार्य ने कहा कि नरेंद्र मोदी गाय के बछड़े को दुलारते हैं। उसे शॉल पहनाकर अपने घर में रखते हैं, वहीं दूसरी ओर जो गो मांस का निर्यात करते हैं उनके साथ खड़े हैं। यह दोहरा चरित्र समझ में नहीं आ रहा। शंकराचार्य ने कहा कि गो माता पूजनीय है। लेकिन सरकार ने अभी तक गो को पशु की श्रेणी में रखा हुआ है। गो माता को राष्ट्र माता का दर्जा नहीं दे सकते तो ऐसा कह दें कि गो हमारे लिए पशु है। उन्होंने कहा कि 25 करोड़ मुस्लिमों की एक साथ वोट पड़ने पर सरकार उनकी बात को प्रमुखता से सुनती है। उनके काम करवा जा रहे हैं, वहीं हिंदुओं की ओर मुंह फेर लेते हैं। गो माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने पर ही वोट डाली जाए तो सरकार को हिंदुओं की ताकत का एहसास होगा।